‘परिवहन कार्यालय आपके द्वार’ अभियान का मेराल से किया गया शुरू

पहले शिविर में 100 अभ्यर्थियों का बना लर्निंग लाइसेंस
बलराम शर्मा
मेराल। झारखंड सरकार के परिवहन विभाग की महत्वाकांक्षी योजना “परिवहन कार्यालय आपके द्वार” अभियान का शुरुआत शनिवार को मेराल प्रखंड मुख्यालय के पंचायत सचिवालय मेराल पूर्वी के सभागार में डीटीओ धीरज प्रकाश, प्रखंड प्रमुख दीपमाला कुमारी, सीओ सह बीडीओ यशवंत नायक, मुखिया राम सागर महतो द्वारा किया गया। शिविर में मेराल पूर्वी, पश्चिमी, गोंदा, बाना तथा करकोमा पंचायत के बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लेकर लर्निंग लाइसेंस बनवाने की प्रक्रिया पूरी की। इस अवसर पर उपस्थित जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने कहा कि अब लोगों को लर्निंग लाइसेंस के लिए जिला मुख्यालय का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा।

शिविर में दस्तावेजों के सत्यापन से लेकर कंप्यूटर आधारित लर्निंग टेस्ट तक की पूरी प्रक्रिया ऑन-द-स्पॉट पूरी कराई गई। टेस्ट में सफल 100 अभ्यर्थियों को लर्निंग लाइसेंस प्रदान कर शुभकामनाएं दीं गई। इस अवसर पर डीटीओ श्री प्रकाश ने कहा कि परिवहन विभाग की सेवाओं को गांव-गांव तक पहुंचाने के उद्देश्य से यह अभियान शुरू किया गया है। आने वाले दिनों में गढ़वा जिले के सभी प्रखंडों एवं पंचायतों में इसी तरह के शिविर लगाए जाएंगे, जिससे ग्रामीणों को उनके घर के नजदीक परिवहन संबंधी सुविधाएं उपलब्ध हो सकें। उन्होंने इच्छुक आवेदकों से अपील की कि शिविर में आने से पूर्व सारथी पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर उसकी प्रिंट कॉपी, आवश्यक दस्तावेज तथा ऑनलाइन शुल्क भुगतान की रसीद साथ लेकर आएं। आवेदन शुल्क केवल ऑनलाइन माध्यम से ही स्वीकार किया जाएगा।

शिविर को सफल बनाने में जिला सड़क सुरक्षा पदाधिकारी संजय बैठा, नीरज पांडे, चंदन कुमार, अतुल कुमार, सूर्य प्रकाश, विनय तिवारी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। मौके पर बताया कि लाइसेंस के लिए आधार कार्ड एवं निवास प्रमाण पत्र, वोटर आईडी या जन्म प्रमाण पत्र अंकित स्कूल का सर्टिफिकेट, पासपोर्ट साइज का फोटो, ब्लड ग्रुप का सर्टिफिकेट, ऑनलाइन शुल्क भुगतान की रसीद जरूरी है। मौके पर मुखिया रामसागर महतो ने कहा कि परिवहन विभाग की इस पहल से ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। अभियान के माध्यम से न केवल परिवहन सेवाएं घर के नजदीक उपलब्ध होंगी, बल्कि सड़क सुरक्षा के प्रति भी लोगों में जागरूकता बढ़ेगी।




