अल्प आयु में ही बिरसा मुंडा ने साहस और संघर्ष के बल पर धरती आबा का दर्जा प्राप्त किया : रघुराई राम

धरती आबा के शहादत दिवस पर श्रद्धांजलि सभा आयोजनं
मेराल । सामाजिक परिवर्तन केन्द्र के तत्वावधान में धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा के शहादत दिवस के अवसर पर संगवरिया स्थित निलाम्बर-पिताम्बर चौक में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता चन्द्रिका सिंह खरवार ने की।
कार्यक्रम की शुरुआत गढ़वा जिला अनुसूचित जाति एवं जनजाति कर्मचारी संघ के अध्यक्ष रघुराई राम द्वारा भगवान बिरसा मुंडा के तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि देने के साथ हुई। इसके बाद पूर्व जिला परिषद सदस्य विरेन्द्र साव, शिक्षक भरदूल राम सहित अन्य लोगों ने भी श्रद्धासुमन अर्पित किए।
सभा को संबोधित करते हुए रघुराई राम ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा का जीवन संघर्ष, त्याग और समर्पण की अद्वितीय मिसाल है। उन्होंने कहा कि मात्र 25 वर्ष की आयु में ही बिरसा मुंडा ने अपने साहस और संघर्ष के बल पर जननायक के रूप में पहचान बनाई तथा धरती आबा और भगवान का दर्जा प्राप्त किया। उन्होंने आदिवासी अस्मिता, जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। उनके जीवन से प्रेरणा लेकर समाज को उनके आदर्शों पर चलने की आवश्यकता है।

श्रद्धांजलि सभा में शिक्षक मनी सिंह, सुभाष कुमार रवि, सुबेश्वर राम, बसपा प्रखंड अध्यक्ष उमाशंकर राम, संजय राम, अम्बिका सिंह, अमित कुमार, बुद्धप्रिय रंजन, जय प्रकाश कुमार, कर्मदेव राम, रामबली पासवान, चंदेश्वर सिंह सहित बड़ी संख्या में गणमान्य लोग उपस्थित थे।
कार्यक्रम का संचालन युवा नेता कुन्दन कुमार चंद्रवंशी ने किया। सभा के अंत में उपस्थित लोगों ने भगवान बिरसा मुंडा के बताए मार्ग पर चलने तथा सामाजिक एकता एवं जनहित के कार्यों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।




