छत्रपति शाहूजी महाराज के विचारों को अपनाकर बहुजन समाज को संगठित करें : अभिमन्यु सिंह

मेराल में बसपा की समीक्षात्मक बैठक, संगठन की मजबूती पर हुआ मंथन
बलराम शर्मा
मेराल। आरक्षण के जनक एवं सामाजिक परिवर्तन के महान पुरोधा छत्रपति शाहूजी महाराज की 152वीं जयंती के अवसर पर बहुजन समाज पार्टी की समीक्षात्मक बैठक शनिवार को मेराल स्थित किस्मती कॉलेज ऑफ फार्मेसी में आयोजित की गई। जिलाध्यक्ष नंद पासवान की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में संगठन को मजबूत बनाने तथा बहुजन समाज को एकजुट करने पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक का शुभारंभ अतिथियों द्वारा छत्रपति शाहूजी महाराज, भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर एवं मान्यवर कांशीराम की तस्वीर पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। कार्यक्रम में प्रदेश सचिव अभिमन्यु कुमार सिंह उर्फ बबलू सिंह, वरिष्ठ नेता गिरजानंद उरांव सहित प्रदेश, जिला एवं प्रखंड स्तर के बड़ी संख्या में पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

मुख्य अतिथि प्रदेश सचिव अभिमन्यु कुमार सिंह ने कहा कि छत्रपति शाहूजी महाराज ने 26 जुलाई 1902 को अपनी रियासत में दलित एवं पिछड़े वर्ग के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण लागू कर सामाजिक न्याय की ऐतिहासिक नींव रखी थी। उन्होंने संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर को उच्च शिक्षा के लिए आर्थिक सहयोग दिया तथा उनकी पत्रिका ‘मूकनायक’ के प्रकाशन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि 16 सितंबर 1922 को कोल्हापुर में आयोजित एक विशाल जनसभा में शाहूजी महाराज ने डॉ. अंबेडकर को अपना सामाजिक उत्तराधिकारी घोषित किया था। उनका जीवन बहुजन समाज के उत्थान, शिक्षा और सामाजिक न्याय के लिए समर्पित रहा। आज आवश्यकता है कि उनके विचारों को अपनाकर बहुजन समाज को संगठित किया जाए।
वरिष्ठ नेता गिरजानंद उरांव ने कार्यकर्ताओं से बहुजन आंदोलन को गांव-गांव तक पहुंचाने तथा बहन कुमारी मायावती के नेतृत्व में बहुजन समाज पार्टी को और अधिक मजबूत बनाने का आह्वान किया।
बैठक का संचालन ज्ञानी राम ने किया। इस अवसर पर जिला उपाध्यक्ष सुनेश्वर राम, चंद्रिका सिंह खरवार, रामाधार राम, मोती राम, संजय राम, सुदीप कुमार, नरेश राम, ललन राम, रामलाल राम, छोटेलाल, राहुल कुमार दुबे, गोपीनाथ कुशवाहा, गोपाल सिंह, अंबिका सिंह, राम उपदेश सिंह, रामप्रसाद महतो, गणेश चौधरी सहित कई नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने अपने विचार व्यक्त किए।


