कलश स्थापना के साथ शारदीय नवरात्र शुरू, मां की भक्ति में डूबा मेराल

प्रसिद्ध मां शायर देवी धाम सहित प्रखंड के विभिन्न देवी मंदिरों और दुर्गा मंडपों में शुरू हुआ दुर्गा पाठ, कई स्थानों पर निकाली गई शोभायात्रा
अरंगी में कलश शोभायात्रा का शुभारंभ थाना प्रभारी एवं भाजपा नेतागण संयुक्त रूप से फीता काटकर किया
बलराम शर्मा
मेराल। कलश स्थापना के साथ ही मेराल प्रखंड में शारदीय नवरात्र का शुभारंभ उत्साह, श्रद्धा और भक्तिमय वातावरण में हुआ। नवरात्र के पहले दिन रविवार को प्रखंड के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में मां दुर्गा की आराधना को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिला। सुबह से ही विभिन्न देवी मंदिरों और दुर्गा मंडपों में पूजा-अर्चना के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने लगी। वैदिक मंत्रोच्चार, दुर्गा पाठ और भक्ति गीतों से पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो उठा। प्रखंड मुख्यालय स्थित प्रसिद्ध मां शायर देवी धाम के साथ पुरानी बाजार दुर्गा मंडप, छव-आना टोला, बस स्टैंड शिव स्थान, नेनुआ मोड़, मुड़ल टोला, पूर्वारा टोला, तेली टोला, बड़का खलिहान, भुईयां टोला और मकुना टोला सहित विभिन्न पूजा स्थलों पर सामूहिक रूप से कलश स्थापना कर दुर्गा पाठ प्रारंभ किया गया। इसके अलावा गोंदा देवी धाम, करकोमा देवी धाम,

हासनदाग देवी धाम, तेनार, लोवादाग, बंका, अरंगी और संखड़िया पहाड़ी मंदिर सहित प्रखंड के विभिन्न गांवों में भी नवरात्र को लेकर विशेष धार्मिक आयोजन शुरू हो गया है। कई स्थानों पर श्रद्धालुओं ने शोभायात्रा निकाली, जिसमें बड़ी संख्या में महिला, पुरुष और युवा शामिल हुए। अरंगी में कलश शोभायात्रा का शुभारंभ थाना प्रभारी रवि कुमार केसरी, भाजपा जिलाध्यक्ष उदय कुमार कुशवाहा, विधायक प्रतिनिधि डॉ लालमोहन आदि ने संयुक्त रूप से फीता काटकर किया। वहीं कई मंदिरों और पूजा पंडालों के साथ श्रद्धालुओं ने अपने-अपने घरों में भी विधि-विधान से कलश स्थापना कर दुर्गा पाठ प्रारंभ किया। नवरात्र के पहले दिन से ही क्षेत्र में धार्मिक आस्था और उत्साह का माहौल देखने को मिला। जगह-जगह बज रहे भक्ति गीतों और पूजा-अर्चना से वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया। शारदीय नवरात्र के आगमन के साथ ही मेराल प्रखंड के विभिन्न गांवों में धार्मिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। श्रद्धालु नौ दिनों तक मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की पूजा-अर्चना कर सुख, शांति, समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना करेंगे।




