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एसडीएम संजय कुमार ने मेराल में अवैध बालू भंडारण के खिलाफ की बड़ी कार्रवाई

औचक छापेमारी कर 61 ट्रैक्टर बालू, और 10 ट्रैक्टर चिप्स डस्ट जब्त

सीओ और थाना प्रभारी को सौंपा, प्राथमिकी के निर्देश

जांच में प्रथम दृष्टा चार लोगों का अवैध बालू भंडारण के संलिप्त में आया नाम

मेराल । सदर अनुमंडल पदाधिकारी संजय कुमार ने शनिवार को मेराल प्रखंड के हासनदाग‌ चरखपतली पहाड़ के पास अवैध बालू भंडारण के विरुद्ध बड़ी कार्रवाई करते हुए औचक छापेमारी कर 61 ट्रैक्टर बालू तथा 10 ट्रैक्टर चिप्स डस्ट जप्त करते हुए अज्ञात के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। इस संबंध में उन्होंने बताया कि उन्हें लगातार मिल रही शिकायतों एवं गुप्त सूचनाओं के आधार पर यह कार्रवाई की गई, जिसमें अवैध खनन के काले कारोबार में संलिप्त लोगों की पहचान कर सख्ती का निर्देश अधिकारियों को दिया गया है। छापेमारी के दौरान स्थानीय पूछताछ में जो सूचनायें प्राप्त हुई उसके अनुसार उक्त अवैध बालू का उठाव नंदलाल तिवारी, प्रदीप तिवारी, दयावंत तिवारी, रिंकू तिवारी आदि का काम बताया गया।

हालांकि सीओ एवं थाना प्रभारी को इन आरोपों की विस्तृत जांच कर आवश्यकता अनुरूप प्राथमिकी दर्ज कराने का निर्देश दिया गया। बिना किसी वैध अनुमति के इस बालू संग्रहण का आकलन किया तो यहां 61 ट्रैक्टर-ट्रॉली के बराबर बालू जमा पाया गया, जिसे तत्काल प्रभाव से जब्त करने की कार्रवाई की गई। देखने में उक्त बालू दो-चार दिन की ही पुरानी प्रतीत होती है, यहां अलग-अलग ट्राली पलटाने से बालू के अलग-अलग 61 ढेर लगे मिले, प्रथम दृष्टया यह बालू यूरिया नदी की है। इतनी धूप में भी बालू ढेरों में नमी होने से स्पष्ट हुआ कि यह हाल का ही कार्य है। एसडीएम ने मौके पर ही मेराल के अंचल पदाधिकारी यशवंत नायक को बुलाकर जब्ती की प्रक्रिया पूरी कराने एवं संबंधित व्यक्तियों की पहचान कर उनके विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। साथ ही, जिला खनन पदाधिकारी को फोन पर ही पूरे प्रकरण की गहन जांच कर अवैध खनन में संलिप्त अन्य लोगों की भूमिका चिन्हित करने तथा उनके खिलाफ नियमित कड़ी कार्रवाई करने को कहा गया। वहीं, मेराल थाना प्रभारी को भी स्पष्ट निर्देश दिया गया कि इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कर दोषियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। एसडीएम ने यह भी कहा कि अवैध खनन एवं बालू तस्करी आर्थिक अपराध तो है ही, पर्यावरण नुकसान के साथ साथ स्थानीय विधि व्यवस्था के लिए भी गंभीर खतरा उत्पन्न करती है। उन्होंने स्थानीय लोगों से अपील की कि वे इस प्रकार की गतिविधियों की सटीक और ससमय सूचना दें, ताकि त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

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