ड्यूटी के दौरान ब्रेन हेमरेज से हवलदार रामा राम का निधन, मेराल में पसरा मातम

धनबाद के लोयाबाद थाना में थे पदस्थापित, शनिवार तड़के गश्ती के दौरान अचानक जमीन पर गिरे; धनबाद से रांची तक चला इलाज, बुधवार देर शाम ली अंतिम सांस
बलराम शर्मा
मेराल। थाना मुख्यालय के बस स्टैंड निवासी एवं झारखंड पुलिस में पदस्थापित हवलदार रामा राम (50) का ब्रेन हेमरेज के कारण बुधवार की देर शाम रांची के वेदांता अस्पताल में इलाज के दौरान निधन हो गया। उनके निधन की खबर मिलते ही मेराल में शोक की लहर दौड़ गई। रामा राम धनबाद जिले के लोयाबाद थाना में हवलदार के पद पर पदस्थापित थे और ड्यूटी के दौरान अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई थी। जानकारी के अनुसार, शनिवार तड़के करीब 4:30 बजे रामा राम लोयाबाद थाना क्षेत्र में गश्ती ड्यूटी पर थे। इसी दौरान वह शौच के लिए थाना परिसर स्थित शौचालय की ओर जा रहे थे। अचानक चक्कर आने से वह जमीन पर गिर पड़े। घटना की जानकारी मिलते ही थाना प्रभारी पीकू प्रसाद ने पुलिसकर्मियों की मदद से उन्हें तत्काल एसएनएमएमसीएच, धनबाद पहुंचाया। चिकित्सकों ने उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए उन्हें उच्च चिकित्सा केंद्र ले जाने की सलाह दी। इसके बाद उन्हें असर्फी अस्पताल ले जाया गया। चिकित्सकीय जांच में ब्रेन हेमरेज की गंभीर स्थिति सामने आने के बाद बेहतर इलाज के लिए उन्हें रांची के वेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया। करीब पांच दिनों तक इलाज चलने के बावजूद चिकित्सक उन्हें बचा नहीं सके और बुधवार की देर शाम उनका निधन हो गया। रामा राम ने वर्ष 2003 में झारखंड पुलिस में सेवा शुरू की थी। लगभग 23 वर्षों की सेवा के दौरान उन्होंने पुलिस विभाग में विभिन्न स्थानों पर अपनी जिम्मेदारियां निभाईं। वर्तमान में वे लोयाबाद थाना में हवलदार के पद पर कार्यरत थे। ड्यूटी के दौरान अचानक हुई इस घटना से साथी पुलिसकर्मियों में भी गहरा शोक है। इधर, रामा राम के निधन की खबर मेराल पहुंचते ही परिजनों, रिश्तेदारों, मित्रों और स्थानीय लोगों में शोक की लहर दौड़ गई। स्थानीय लोगों के अनुसार, रामा राम सरल, शांत और मिलनसार स्वभाव के व्यक्ति थे। उनके असामयिक निधन को परिवार के साथ-साथ पुलिस विभाग के लिए भी अपूरणीय क्षति बताया जा रहा है। परिजनों एवं शुभचिंतकों ने दिवंगत हवलदार रामा राम को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। लोगों ने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति तथा शोकाकुल परिजनों को इस अपार दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।




