राजस्व मामलों के त्वरित निष्पादन का उपायुक्त ने दिया निर्देश

राजस्व वसूली में शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने का निर्देश, लंबित मामलों पर उपायुक्त सख्त
गढ़वा। उपायुक्त पशुपति नाथ मिश्रा की अध्यक्षता में राजस्व विभाग से संबंधित जिला स्तरीय समीक्षात्मक बैठक समाहरणालय में संपन्न हुई। बैठक में वर्तमान वित्तीय वर्ष में निर्धारित लक्ष्य के विरुद्ध राजस्व वसूली, आपदा प्रबंधन, भू-हस्तांतरण, दाखिल-खारिज, नामांतरण, भूमि सीमांकन सहित अंचल स्तर पर लंबित विभिन्न मामलों की विस्तृत समीक्षा की गई। उपायुक्त ने सभी संबंधित पदाधिकारियों को राजस्व से जुड़े कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने का निर्देश दिया।
बैठक में निबंधन कार्यालय गढ़वा एवं श्री बंशीधर नगर, नगर परिषद गढ़वा, नगर पंचायत श्री बंशीधर नगर एवं मंझिआंव, उत्पाद, परिवहन, खनन, बाजार समिति, वाणिज्य, विद्युत, माप-तौल, मत्स्य, लघु सिंचाई समेत अन्य विभागों द्वारा की जा रही राजस्व वसूली की समीक्षा की गई। उपायुक्त ने सरकार द्वारा निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप शत-प्रतिशत राजस्व वसूली सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
नगर पंचायत मंझिआंव में भू-हस्तांतरण से संबंधित मामले में अपेक्षित प्रगति नहीं होने पर उपायुक्त ने नाराजगी जताते हुए कार्यपालक पदाधिकारी को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने अंचल अधिकारी मंझिआंव के साथ समन्वय स्थापित कर मामले का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
दाखिल-खारिज के मामलों की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिया कि बिना आपत्ति वाले मामलों का निष्पादन 30 दिनों के भीतर तथा आपत्ति वाले मामलों का निष्पादन 90 दिनों से अधिक समय में नहीं होना चाहिए। किसी भी आवेदन को बिना ठोस कारण लंबित रखने पर संबंधित पदाधिकारी की जवाबदेही तय की जाएगी। पोर्टल पर 90 दिनों से अधिक समय से लंबित मामलों का भी अनिवार्य रूप से निष्पादन करने को कहा गया।
भूमि सीमांकन के आवेदनों पर अमीनों को निर्धारित समय पर कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया। साथ ही राइट टू सर्विस एक्ट के तहत म्यूटेशन, डीमार्केशन, प्रमाण पत्र निर्गत करने, विवादित भूमि, डीसीएलआर अपील सहित सभी लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने को कहा गया। अपेक्षाकृत खराब प्रदर्शन करने वाले अंचल अधिकारियों एवं संबंधित पदाधिकारियों के प्रति उपायुक्त ने नाराजगी जताते हुए कार्य में तेजी लाने का निर्देश दिया।
उन्होंने कहा कि राजस्व से संबंधित कोई भी मामला जानबूझकर लंबित नहीं रहना चाहिए। 90, 120 दिन या उससे अधिक समय से लंबित मामलों का शीघ्र निष्पादन करें, अन्यथा संबंधित पदाधिकारी के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। लगान अपडेशन एवं त्रुटि सुधार से संबंधित आवेदनों पर भी नियमानुसार त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया।
बैठक में आपदा प्रबंधन विभाग की सहाय्य शाखा के कार्यों की भी समीक्षा की गई। प्रभारी पदाधिकारी ने बताया कि अतिवृष्टि एवं अन्य प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित लाभुकों को प्राप्त आवंटन के विरुद्ध कुल 13 लाख 54 हजार रुपये मुआवजा राशि का भुगतान किया जा चुका है। वहीं अग्निकांड से प्रभावित लोगों को 4 लाख 96 हजार रुपये का भुगतान किया गया है। शेष मामलों में प्रक्रिया जारी है।
बैठक में जिला भू-अर्जन पदाधिकारी राजेश कुमार, जिला परिवहन पदाधिकारी गोपी उरांव, अनुमंडल पदाधिकारी रंका मोहम्मद प्रवेज, सभी भूमि सुधार उप समाहर्ता, अंचल अधिकारी, नगर निकायों के कार्यपालक पदाधिकारी, जिला खनन पदाधिकारी, जिला मत्स्य पदाधिकारी सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।




