विकास योजनाओं में तेजी लाएं, निर्धारित लक्ष्य समय पर करें पूरा : उपायुक्त

समाहरणालय सभागार में प्रखंडवार विकास योजनाओं, आवास, मनरेगा एवं पंचायती राज कार्यों की विस्तृत समीक्षा
गढ़वा। समाहरणालय सभागार में उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी पशुपति नाथ मिश्रा की अध्यक्षता में जिले में संचालित विभिन्न विकास योजनाओं एवं कार्यक्रमों की प्रखंडवार समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण, अबुआ आवास योजना, प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाअभियान, मनरेगा, बिरसा सिंचाई कूप संवर्धन मिशन, युक्तधारा एवं पंचायती राज विभाग की योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई।
उपायुक्त ने सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों एवं संबंधित पदाधिकारियों को योजनाओं की प्रगति में तेजी लाते हुए लंबित एवं अपूर्ण कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि विकास योजनाओं का वास्तविक लाभ ग्रामीणों तक पहुंचाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी स्तर पर अनावश्यक विलंब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
आवास योजनाओं में तेजी लाने का निर्देश
प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण वर्ष 2024-25 के तहत एसएनए स्पर्श निधि निर्गमन, वित्तीय प्रगति एवं आवास निर्माण की प्रखंडवार स्थिति की समीक्षा की गई। साथ ही अबुआ आवास योजना के विभिन्न चरणों की प्रगति का भी जायजा लिया गया। उपायुक्त ने स्वीकृत आवासों के निर्माण की नियमित निगरानी करने तथा अपूर्ण आवासों को शीघ्र पूरा कराने का निर्देश दिया। उन्होंने स्वीकृति से लेकर निर्माण पूर्ण होने तक प्रत्येक स्तर पर प्रभावी अनुश्रवण सुनिश्चित करने को कहा।
प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाअभियान के निर्धारित लक्ष्यों की भी समीक्षा करते हुए सभी कार्य समय पर पूरा करने का निर्देश दिया गया।
मनरेगा में जरूरतमंदों को अधिक रोजगार देने पर जोर
मनरेगा के तहत कार्य प्रगति, श्रमिकों की संख्या, सक्रिय ग्राम पंचायतों, वित्तीय वर्ष 2026-27 में सामग्री एवं प्रशासनिक मद तथा मजदूरी मद में वित्तीय प्रगति की समीक्षा की गई। जॉब कार्ड के ई-केवाईसी, भू-टैगिंग, बिरसा सिंचाई कूप संवर्धन मिशन एवं युक्तधारा के कार्यों की भी जानकारी ली गई।
उपायुक्त ने अधिक से अधिक जरूरतमंद ग्रामीणों को रोजगार उपलब्ध कराने तथा स्वीकृत योजनाओं को तेजी से धरातल पर उतारने का निर्देश दिया। कार्यस्थलों पर श्रमिकों की वास्तविक उपस्थिति और योजनाओं की गुणवत्ता पर विशेष निगरानी रखने को कहा।
पंचायती राज योजनाओं की भी समीक्षा
पंचायती राज विभाग के तहत 13वें, 14वें एवं 15वें वित्त आयोग से संबंधित राशि, व्यय, आंकड़ों के मिलान एवं सुधार, वार्षिक कार्ययोजना तथा ई-ग्राम स्वराज पोर्टल पर प्रविष्टि की प्रखंडवार समीक्षा की गई। सभासार एवं प्रशिक्षण प्रबंधन पोर्टल पर आवश्यक आंकड़ों की प्रविष्टि की स्थिति की भी जानकारी ली गई।
15वें वित्त आयोग के तहत कम व्यय वाले डंडा, धुरकी, डंडई, खरौंधी, मझीआंव, रंका, बिशुनपुरा, नगर उंटारी, बरडीहा एवं बड़गड़ प्रखंडों को उपलब्ध राशि का नियमानुसार उपयोग सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। उपायुक्त ने चेताया कि समय पर राशि का उपयोग नहीं होने से भविष्य में केंद्र से राशि प्राप्त करने में कठिनाई हो सकती है।
30 प्रतिशत से कम प्रदर्शन वाली ग्राम पंचायतों की विशेष समीक्षा करते हुए संबंधित बीडीओ को प्रदर्शन में सुधार लाने का निर्देश दिया गया।
ग्राम सभा एवं ज्ञान केंद्र पर भी विशेष जोर
उपायुक्त ने ग्राम सभा के निर्धारित कार्यक्रम एवं विवरण को सभासार पोर्टल पर समय पर अपलोड करने तथा पंचायत स्तर की गतिविधियों की ऑनलाइन प्रविष्टि पूर्ण करने को कहा। ज्ञान केंद्रों के निर्माण एवं अन्य कार्यों को भी नियमानुसार शीघ्र पूरा कराने का निर्देश दिया।
बैठक में उप विकास आयुक्त प्रेमलता मुर्मू, जिला पंचायती राज पदाधिकारी कुमुद कुमार झा, सभी बीडीओ, परियोजना पदाधिकारी, संबंधित समन्वयक एवं अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे। उपायुक्त ने सभी अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए योजनाओं की वित्तीय एवं भौतिक प्रगति पर लगातार निगरानी रखने तथा निर्धारित लक्ष्यों को समय पर पूरा करने का निर्देश दिया।




