गढ़वा में भाजपा का जोरदार प्रदर्शन, डीसी-एसपी कार्यालय घेराव में गरजे सत्येंद्र और संजय सेठ
सरकारी पदों की कथित खरीद-फरोख्त में करोड़ों रुपए का हुआ लेन-देन

जेपीएससी-जेएसएससी प्रकरण की सीबीआई जांच की उठी मांग
गढ़वा। झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं, युवाओं के भविष्य और कानून-व्यवस्था के मुद्दे को लेकर भाजपा ने मंगलवार को गढ़वा में शक्ति प्रदर्शन किया। राज्यव्यापी कार्यक्रम के तहत भाजपा कार्यकर्ताओं ने टाउन हॉल मैदान से जुलूस निकालकर समाहरणालय पहुंचते हुए उपायुक्त एवं पुलिस अधीक्षक कार्यालय घेराव किया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ तथा गढ़वा विधायक सत्येंद्रनाथ तिवारी शामिल हुए।

घेराव से पहले टाउन हॉल के मैदान में आयोजित सभा को संबोधित करते हुए विधायक सत्येंद्रनाथ तिवारी ने राज्य सरकार पर बालू, कोयला और सरकारी योजनाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के संरक्षण में बालू और कोयले का कथित अवैध कारोबार फल-फूल रहा है। उन्होंने मंईयां सम्मान योजना तथा सरकारी नौकरियों की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि गरीब और प्रतिभावान युवाओं के बजाय पैसे और प्रभाव के बल पर लोगों को लाभ पहुंचाने का आरोप गंभीर चिंता का विषय है।

विधायक ने जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की सीबीआई जांच की मांग दोहराते हुए कहा कि छात्रों के आंदोलन के दौरान उनके साथ कथित मारपीट की गई। उन्होंने आंदोलनरत छात्रों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने की मांग भी उठाई।

सभा को संबोधित करते हुए केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने कहा कि जेपीएससी, जेएसएससी और सीजीएल सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ भाजपा पूरे राज्य में आंदोलन कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि मामला केवल प्रश्नपत्र लीक तक सीमित नहीं है, बल्कि सरकारी पदों की कथित खरीद-फरोख्त और करोड़ों रुपये के लेन-देन के आरोप भी सामने आए हैं।

संजय सेठ ने कहा कि युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज, आंसू गैस और वाटर कैनन का इस्तेमाल किया गया। उन्होंने कहा कि केवल परीक्षा रद्द कर देना समाधान नहीं है; पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच आवश्यक है।

केंद्रीय मंत्री ने कुछ कंपनियों को झारखंड में काम दिए जाने पर भी सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि जिन कंपनियों पर अन्य राज्यों में कार्रवाई या ब्लैकलिस्ट किए जाने की बात सामने आई, उन्हें यहां काम मिला। उन्होंने दावा किया कि कथित अनियमितताओं से जुड़े कई साक्ष्य मौजूद हैं और इसलिए जांच सीआईडी के बजाय सीबीआई से कराई जानी चाहिए। केंद्रीय मंत्री ने बालू, कोयला और गिट्टी से जुड़े मामलों में भी राज्य सरकार पर कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाया। उन्होंने विपक्ष की आवाज दबाने का आरोप लगाते हुए कांग्रेस नेता राहुल गांधी से भी सीबीआई जांच की मांग करने तथा शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पर अपना रुख स्पष्ट करने की चुनौती दी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कथित परीक्षा घोटाले के तार मुख्यमंत्री आवास तक जुड़े हुए हैं।

भाजपा नेताओं ने स्पष्ट किया कि जब तक युवाओं को न्याय और कथित परीक्षा अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच नहीं होती, तब तक पार्टी का आंदोलन जारी रहेगा। कार्यक्रम में भाजपा जिलाध्यक्ष उदय कुमार कुशवाहा, पूर्व सांसद घूरन राम, प्रभात भुईयां, मुकेश निरंजन सिन्हा, सूरज गुप्ता, विनय कुमार चौबे, कंचन जायसवाल, ओमप्रकाश केसरी, मंगल मूर्ति तिवारी, पंकज कुमार सिंह, रिंकू तिवारी, डॉ लालमोहन सहित बड़ी संख्या में नेता कार्यकर्ता और ग्रामीण शामिल थे।


