कस्तूरबा विद्यालय की छात्राओं के बीमार पड़ने के मामले में जिला प्रशासन की बड़ी कार्रवाई

वार्डन समेत पांच कर्मी बर्खास्त, बीईईओ व बीपीओ के वेतन भुगतान पर लगाई रोक
गढ़वा। खरौंधी स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय में 26 जून की रात 77 छात्राओं के अचानक बीमार पड़ने के मामले में जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पांच संविदाकर्मियों की सेवा तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी है। उपायुक्त पशुपति नाथ मिश्रा ने जांच रिपोर्ट के आधार पर यह कार्रवाई करते हुए स्पष्ट किया कि छात्राओं की सुरक्षा, स्वास्थ्य और शिक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जानकारी के अनुसार 26 जून की रात करीब आठ बजे छात्राओं के बीमार पड़ने की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन हरकत में आ गया। उपायुक्त के निर्देश पर एसडीओ श्रीबंशीधर नगर एवं जिला शिक्षा पदाधिकारी ने संयुक्त रूप से विद्यालय का निरीक्षण कर 24 घंटे के भीतर जांच प्रतिवेदन सौंपा।
जांच में वार्डन के बिना स्वीकृत अवकाश के अनुपस्थित रहने, रसोईया द्वारा चापानल में ताला लगाए जाने तथा वार्डन, शिक्षिकाओं एवं अन्य कर्मियों की लापरवाही को घटना का प्रमुख कारण माना गया।
घटना के बाद सभी 77 छात्राओं का उपचार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, भवनाथपुर में कराया गया। अधिकांश छात्राएं उपचार के बाद उसी रात अपने अभिभावकों के साथ घर लौट गईं, जबकि अगले दिन सिर व पेट दर्द की शिकायत पर सात छात्राओं का दोबारा इलाज किया गया। चिकित्सकों ने सभी छात्राओं को खतरे से बाहर बताते हुए उनके पूरी तरह स्वस्थ होने की पुष्टि की है।
जांच प्रतिवेदन एवं स्पष्टीकरण के आधार पर वार्डन-सह-शिक्षिका लक्ष्मी देवी, पूर्णकालिक सामाजिक विज्ञान शिक्षिका अलका तिवारी, पूर्णकालिक विज्ञान शिक्षिका कोमल कुमारी, लेखापाल-सह-कंप्यूटर ऑपरेटर सोनम रानी तथा पूर्णकालिक रसोईया कमला देवी की संविदा सेवा समाप्त कर दी गई है।
इसके अलावा, खरौंधी के बीईईओ एवं बीपीओ से स्पष्टीकरण प्राप्त होने तक उनके वेतन भुगतान पर रोक लगा दी गई है। उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को विद्यालय में शैक्षणिक गतिविधियां एवं अन्य व्यवस्थाएं निर्बाध रूप से संचालित कराने के निर्देश भी दिए हैं।



