मेराल में अकीदत और आपसी भाईचारे के माहौल में संपन्न हुआ मुहर्रम

निकला ताजिया, दुलदुल और भव्य अखाड़ा जुलूस
बलराम शर्मा
मेराल। हसन और हुसैन की याद में मनाया जाने वाला मुहर्रम का पर्व शुक्रवार को मेराल प्रखंड में अकीदत और आपसी भाईचारे के माहौल में संपन्न हो गया। प्रखंड मुख्यालय सहित विभिन्न पंचायतों और गांवों में भव्य ताजिया, दुलदूल और अखाड़ों के साथ भव्य जुलूस निकाले गए, जिनमें हजारों की संख्या में महिला, पुरुष और बच्चों ने भाग लिया।
प्रखंड मुख्यालय में निकले जुलूस में विभिन्न अखाड़ों के युवाओं ने पारंपरिक हथियारों, लाठी-डंडों और तलवारबाजी के हैरतअंगेज करतब प्रस्तुत किए। माकूना, बाजार टोला, पुरवारा टोला, दिलबोध टोला, चरकापत्थर, गोंदा, लगमा सहित विभिन्न मोहल्लों और गांवों से निकले ताजिया जुलूस निर्धारित मार्गों से होते हुए एनएच-75 स्थित हॉस्पिटल चौक पहुंचे, जहां सभी अखाड़ों का पारंपरिक मिलनी हुआ।

इसके बाद सभी जुलूस एक साथ चरकापत्थर स्थित नूरी मस्जिद पहुंचे। यहां अखाड़ों के युवाओं ने एक से बढ़कर एक आकर्षक एवं रोमांचक करतब प्रस्तुत किए, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग जुटे रहे। पूरे क्षेत्र में “या हुसैन” और अन्य मातमी नारों की गूंज सुनाई देती रही।
देर शाम सभी ताजिया जुलूस कर्बला पहुंचे, जहां धार्मिक परंपरा के अनुसार मिट्टी देने की रस्म अदा की गई। इस दौरान श्रद्धालुओं ने शहीद-ए-कर्बला को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इसी तरह ओखरगाडा, पचपेड़ी, दलेली, चामा, तिसरटेटूका, हासनदाग, बाना, लोवादाग सहित दर्जनों गांव में सौहार्द पूर्ण वातावरण में पहलाम हुआ।
इस अवसर पर पूरे प्रखंड में शांति एवं विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। जुलूस मार्गों पर पुलिस बल और दंडाधिकारियों की तैनाती की गई थी। प्रशासन की सतर्कता और आम लोगों के सहयोग से पर्व शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।




