बनखेता में पेयजल संकट गहराया, खराब पड़ी दो जलमीनारों को जल्द चालू कराने की मांग

पेयजल संकट से जूझ रहे ग्रामीण : डॉ. लाल मोहन
मेराल। प्रखंड के अरंगी पंचायत अंतर्गत बनखेता गांव में पेयजल संकट को लेकर विधायक प्रतिनिधि डॉ. लाल मोहन ने उपायुक्त गढ़वा को ज्ञापन सौंपकर खराब पड़ी जलमीनारों को अविलंब चालू कराने की मांग की है।
सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया है कि झारखंड सरकार के पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल द्वारा लगभग चार-पांच वर्ष पूर्व बनवाई गई 8000 लीटर क्षमता की जलमीनार पिछले कई महीनों से खराब पड़ी है। स्थानीय जलसहिया उषा देवी द्वारा कई बार शिकायत किए जाने के बावजूद अब तक इसकी मरम्मत नहीं कराई गई है।

ज्ञापन के अनुसार इस जलमीनार से 15 से 20 भुइयां समाज के परिवारों सहित कई अन्य घरों को पानी की आपूर्ति होती थी। जलमीनार के बंद रहने से ग्रामीणों को दूर-दराज से पानी लाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है, जिससे गर्मी के मौसम में उनकी परेशानियां बढ़ गई हैं।
आवेदन में यह भी उल्लेख किया गया है कि प्राथमिक विद्यालय बनखेता के उत्तर स्थित दूसरी 8000 लीटर क्षमता वाली जलमीनार भी कई महीनों से बंद पड़ी है। बताया गया कि जलमीनार के ऊपर लगा सोलर पंखा टूटकर गिर जाने के कारण पानी की आपूर्ति ठप हो गई है। इसकी शिकायत भी स्थानीय लोगों और जलसहिया द्वारा कई बार संबंधित विभाग को दी जा चुकी है।
ग्रामीणों का आरोप है कि विभागीय कर्मी जांच के लिए आए थे और कुछ सामान भी साथ ले गए, लेकिन अब तक जलमीनार को चालू नहीं कराया गया। दोनों जलमीनारों के खराब रहने से गांव के दर्जनों परिवारों को पेयजल के लिए भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
डॉ. लाल मोहन ने उपायुक्त से मामले की जांच कर लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों एवं संवेदकों के विरुद्ध कार्रवाई करने तथा दोनों जलमीनारों को शीघ्र दुरुस्त कर पेयजल आपूर्ति बहाल कराने की मांग की है।


