गुरु पूर्णिमा पर डीएवी मॉडल स्कूल में गुरु वंदना, हवन व सांस्कृतिक कार्यक्रमों की रही धूम

गुरुओं के सम्मान के साथ विद्यार्थियों ने दी मनमोहक प्रस्तुतियां, माता-पिता व शिक्षकों के सम्मान का दिया गया संदेश
बलराम शर्मा
गढ़वा (जनहित न्यूज़)। गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर डीएवी मॉडल स्कूल, गढ़वा में बुधवार को श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हवन-पूजन से हुई। इसके बाद गुरु वंदना, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों एवं गुरु सम्मान समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन कर उपस्थित लोगों का मन मोह लिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीक्षा कुमारी, आलिया खातून, समीहा परवीन, कनक कुमारी, ग्रेसी केसरी, नरगिस परवीन एवं सुहानी खातून द्वारा गुरु वंदना से किया गया। इसके बाद कनक कुमारी ने गुरु की महिमा पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि गुरु का स्थान जीवन में सर्वोच्च है और उनके मार्गदर्शन के बिना ज्ञान की प्राप्ति संभव नहीं है।

सांस्कृतिक कार्यक्रमों की कड़ी में छात्र वैभव राज ने “गुरु मेरा संसार” गीत पर आकर्षक नृत्य प्रस्तुत किया। नर्सरी के नन्हे बच्चों ने “शरारत” गीत पर मनमोहक प्रस्तुति देकर खूब तालियां बटोरीं। कक्षा एक की छात्राओं ने “मैंने पायल है छनकाई” गीत पर, कक्षा दो के शिया एवं उनके समूह ने “ठुमक-ठुमक” गीत पर तथा कक्षा तीन की सिद्धि एवं उनके समूह ने भी रंगारंग नृत्य प्रस्तुत कर कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए।
आलिया परवीन ने अंग्रेजी में गुरु के प्रति समर्पण विषय पर प्रभावशाली भाषण दिया। ग्रेसी केसरी ने कहा कि शिक्षकों के मार्गदर्शन के बिना समुचित ज्ञान प्राप्त नहीं किया जा सकता, इसलिए विद्यार्थियों को नियमित रूप से विद्यालय आकर शिक्षकों की बात ध्यानपूर्वक सुननी चाहिए। वहीं परिधि कुमारी ने कहा कि गुरु ही अज्ञानरूपी अंधकार को दूर कर जीवन में ज्ञान का प्रकाश फैलाते हैं।

इस अवसर पर विद्यालय के निदेशक सुशील केसरी ने विद्यार्थियों से अपने माता-पिता, दादा-दादी एवं सभी बड़ों का सम्मान करने तथा उनकी सेवा करने का आह्वान किया। विद्यालय के प्राचार्य गुलाम सरवर ने कहा कि गुरु केवल विद्यालय के शिक्षक ही नहीं होते, बल्कि जीवन में जिससे भी हमें शिक्षा, प्रेरणा और सही मार्गदर्शन मिलता है, वह हमारा गुरु होता है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शिक्षक ओमप्रकाश शर्मा ने गुरु पूर्णिमा की शुभकामनाएं देते हुए विद्यार्थियों से अनुशासित, संस्कारी, जिम्मेदार एवं देशभक्त नागरिक बनने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि गुरु का सम्मान और उनके बताए मार्ग पर चलना ही सच्ची गुरु दक्षिणा है।
पूरे कार्यक्रम के दौरान विद्यालय का वातावरण श्रद्धा, सम्मान और सांस्कृतिक उल्लास से सराबोर रहा। अंत में सभी शिक्षकों का सम्मान किया गया तथा विद्यार्थियों ने गुरुजनों का आशीर्वाद प्राप्त किया।



