स्वच्छता अभियान के साथ वित्तीय साक्षरता की अलख, ग्रामीणों को साइबर ठगी से बचाव के बताए गुर

शिव मंदिर परिसर में चलाया सफाई अभियान, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं और किसान क्रेडिट कार्ड की दी गई जानकारी
बलराम शर्मा
मेराल। स्वच्छ गांव, स्वस्थ समाज और जागरूक नागरिक की परिकल्पना को साकार करने के उद्देश्य से प्रखंड मुख्यालय के मुडल टोला स्थित शिव मंदिर परिसर में स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत ‘स्वच्छता ही सेवा’ अभियान एवं वित्तीय साक्षरता जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। वार्ड सदस्य बिनोद चौधरी की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम में ग्रामीणों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ वित्तीय समावेशन, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं और बढ़ते साइबर अपराधों से बचाव के उपायों की जानकारी दी गई। कार्यक्रम में अग्रगति संस्था के सीएफएल समन्वयक गुरुदेव विश्वकर्मा एवं प्रशिक्षिका अंजू कुमारी ने ग्रामीणों को स्वच्छता के महत्व और उसके सामाजिक प्रभावों से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि स्वच्छता केवल किसी अभियान का हिस्सा नहीं, बल्कि स्वस्थ जीवनशैली का अभिन्न अंग है। प्रत्येक नागरिक का दायित्व है कि वह अपने घर, आसपास के क्षेत्रों और सार्वजनिक स्थलों को स्वच्छ रखने में सक्रिय भूमिका निभाए। वित्तीय साक्षरता सत्र के दौरान गुरुदेव विश्वकर्मा ने ग्रामीणों को बैंकिंग सेवाओं, वित्तीय समावेशन और सरकारी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के लाभों की विस्तारपूर्वक जानकारी दी। उन्होंने प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना एवं अटल पेंशन योजना के उद्देश्य और उपयोगिता के बारे में बताया। इसके साथ ही नया किसान क्रेडिट कार्ड बनवाने के लिए आवश्यक दस्तावेजों, आवेदन प्रक्रिया और इससे मिलने वाले लाभों की जानकारी भी साझा की गई, ताकि ग्रामीण सरकारी योजनाओं का लाभ उठाकर अपनी आर्थिक सुरक्षा मजबूत कर सकें।
ओटीपी और एटीएम पिन साझा करने से बचें
डिजिटल लेन-देन के बढ़ते दौर में साइबर अपराधों के प्रति सतर्कता बरतने पर विशेष जोर दिया गया। ग्रामीणों को फर्जी फोन कॉल, ओटीपी के माध्यम से ठगी, ऑनलाइन धोखाधड़ी और बैंक खाते से जुड़ी गोपनीय जानकारी हासिल कर लोगों को ठगने के तरीकों से अवगत कराया गया। प्रशिक्षकों ने स्पष्ट किया कि किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ ओटीपी, एटीएम पिन या बैंक खाते से संबंधित गोपनीय जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए। साइबर ठगी का शिकार होने पर बिना देर किए राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराने की अपील की गई। जागरूकता कार्यक्रम के साथ शिव मंदिर परिसर एवं उसके आसपास सफाई अभियान भी चलाया गया। इसमें उपस्थित ग्रामीणों और श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए परिसर की साफ-सफाई की। इस अवसर पर सभी उपस्थित लोगों को स्वच्छता की शपथ दिलाई गई तथा अपने आसपास स्वच्छ वातावरण बनाए रखने का संकल्प लिया गया। ग्रामीणों से अपील की गई कि वे स्वच्छता को केवल विशेष अभियानों तक सीमित न रखें, बल्कि इसे अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाकर अन्य लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करें। कार्यक्रम में राजेश चौधरी, सुदर्शन चौधरी, सत्येंद्र चौधरी, शिव चौधरी, रमेश चौधरी, संजू चौधरी, राजीव चौधरी, कृष्णा चौधरी, कामेश्वर चौधरी, महेंद्र चौधरी, अनिता कुमारी, प्रतिमा देवी, चांदनी कुमारी, खुशबू देवी, अंजली कुमारी एवं शिव कुमारी देवी सहित दर्जनों ग्रामीण और श्रद्धालु उपस्थित थे। कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीणों को स्वच्छता के प्रति जिम्मेदार बनाना, सरकारी वित्तीय एवं सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के प्रति जागरूक करना और साइबर अपराधों से सुरक्षित रहने के लिए आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराना था। इस पहल के माध्यम से स्वच्छता, आर्थिक जागरूकता और डिजिटल सुरक्षा का संदेश जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया गया।




