जिला परिषद सदस्य और आंगनबाड़ी सेविका के बीच विवाद गहराया, जिला परिषद बैठक से थाने तक पहुंचा मामला

दोनों पक्षों द्वारा एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाते हुए अलग-अलग आवेदन पुलिस को सौंपा गया है
मेराल (गढ़वा) । मेराल प्रखंड के अरंगी पंचायत अंतर्गत पिंडरा गांव की आंगनबाड़ी सेविका उमा देवी और मेराल उत्तरी क्षेत्र के जिला परिषद सदस्य संजय कुमार सिंह के बीच शुरू हुआ विवाद अब जिला परिषद की बैठक से लेकर थाना तक पहुंच गया है। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाते हुए अलग-अलग आवेदन पुलिस को सौंपे हैं, जिससे मामला चर्चा का विषय बना हुआ है।
मिली जानकारी के अनुसार, 13 मार्च 2026 को आयोजित जिला परिषद गढ़वा की बैठक में जिला परिषद सदस्य संजय कुमार सिंह ने पिंडरा आंगनबाड़ी केंद्र में पोषाहार वितरण में कथित अनियमितता का मामला उठाया था। बैठक की कार्यवाही में इस शिकायत का उल्लेख करते हुए संबंधित विभाग को जांच कर कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया। बाद में बाल विकास परियोजना पदाधिकारी, मेराल द्वारा जांच प्रतिवेदन भी प्रस्तुत किया गया।

इसी मामले को लेकर विवाद और बढ़ गया। आंगनबाड़ी सेविका उमा देवी द्वारा मेराल थाना में दिए आवेदन में आरोप लगाया है कि जिप सदस्य संजय सिंह उनके घर पहुंचे और कथित रूप से अभद्र व्यवहार, गाली-गलौज तथा मारपीट की गई। आवेदन में यह भी कहा गया है कि परिवार को नौकरी से हटवाने और अन्य कार्रवाई की धमकी दी गई। सेविका ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
वहीं, जिला परिषद सदस्य संजय कुमार सिंह ने भी पहले मेराल थाना और बाद में गढ़वा थाना में आवेदन देकर आरोप लगाया है कि आंगनबाड़ी सेविका उमा देवी, उनके पति नागेंद्र चंद्रवंशी तथा अन्य लोगों ने उनके साथ गाली-गलौज तथा जान से मारने की धमकी दी। आवेदन के अनुसार, 8 जुलाई को उनके साथ कथित दुर्व्यवहार हुआ तथा 14 जुलाई को गढ़वा स्थित उनके पेट्रोल पंप पर भी गाली गलौज की घटना हुई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें लगातार मोबाइल फोन से धमकियां दी जा रही हैं और इस संबंध में पुलिस से सुरक्षा तथा आरोपितों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।
दोनों पक्षों द्वारा दिए गए आवेदनों में एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। फिलहाल मामला पुलिस के संज्ञान में है और जांच की प्रक्रिया जारी है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जिला परिषद बैठक में उठे एक प्रशासनिक मुद्दे के बाद विवाद व्यक्तिगत आरोप-प्रत्यारोप तक पहुंच गया है। अब सभी की नजर पुलिस जांच पर टिकी है, जिससे स्पष्ट हो सके कि आरोपों में कितनी सच्चाई है।
हालांकि, दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर लगाए गए आरोपों को सही बताया है। पुलिस द्वारा मामले की जांच की जा रही है।



