गढ़वा डीसी ने मेराल प्रखंड कार्यालय, आवासीय विद्यालय और सीएचसी का किया औचक निरीक्षण

कल्याण विभाग से बने आवासीय विद्यालय को चालू कराने तथा सीएचसी का बाउंड्री वॉल तथा व्यवस्था दुरुस्त करने का दिया निर्देश
बलराम शर्मा
मेराल । गढ़वा डीसी अनन्य मित्तल ने गुरुवार को प्रखंड के विभिन्न सरकारी कार्यालयों एवं संस्थानों का औचक निरीक्षण कर वहां की व्यवस्थाओं का जायजा लिया, इस दौरान उन्होंने कई आवश्यक निर्देश दिए। निरीक्षण के क्रम में डीसी ने सबसे पहले मेराल प्रखंड कार्यालय एवं अंचल कार्यालय के विभिन्न शाखाओं का अवलोकन किया तथा कार्यों की वस्तुस्थिति से अवगत हुए। इस दौरान उन्होंने मनरेगा एवं अन्य कंप्यूटर ऑपरेटरों से संवाद कर कार्य निष्पादन की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने बीडीओ को प्रखंड कार्यालय परिसर की नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। साथ ही प्रखंड नाजिर से स्टॉक पंजी सहित अन्य अभिलेखों एवं पंजियों की जानकारी प्राप्त कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

इसके बाद सोहबरिया गांव में कल्याण विभाग द्वारा पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों हेतु नवनिर्मित आवासीय विद्यालय का निरीक्षण किया। मौके पर जिला कल्याण पदाधिकारी धीरज प्रकाश ने बताया कि भवन का हैंडओवर हो चुका है, किंतु अब तक विद्यालय में शैक्षणिक गतिविधियां प्रारंभ नहीं हो पाई हैं। उन्होंने बताया कि इस आवासीय विद्यालय में 240 छात्र-छात्राओं के रहने की क्षमता है। जानकारी लेने के बाद डीसी ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करते हुए विद्यालय का संचालन शीघ्र प्रारंभ कराने के निर्देश दिए।
इसके बाद डीसी ने मेराल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का भी औचक निरीक्षण किया। जहां उन्होंने मुख्यमंत्री स्वास्थ्य सहायता योजना एवं कायाकल्प योजना के क्रियान्वयन की जानकारी ली तथा मरीजों से स्वास्थ्य सेवाओं के संबंध में फीडबैक प्राप्त किया। प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ वीरेंद्र कुमार ने डीसी को बताया अस्पताल में प्रतिदिन लगभग 70 से 80 मरीज इलाज हेतु पहुंचते हैं।निरीक्षण के दौरान डीसी ने पाया कि सीएचसी परिसर में बाउंड्री वॉल का अभाव है, जिस पर उन्होंने शीघ्र बाउंड्री वॉल निर्माण कराने का निर्देश दिया। साथ ही उन्होंने स्टोर रूम का निरीक्षण कर उपलब्ध दवाओं की जांच की तथा प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि किसी भी परिस्थिति में एक्सपायरी दवाएं अस्पताल में नहीं रहनी चाहिए। उन्होंने समय-समय पर दवाओं की जांच कर एक्सपायरी दवाओं को नष्ट करने का निर्देश दिया।निरीक्षण के दौरान बिजली व्यवस्था संतोषजनक नहीं पाई गई, जिस पर उपायुक्त ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए इसे अविलंब दुरुस्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने अस्पताल में ऑटोमेटिक चेंजर की व्यवस्था करने एवं दो स्रोत से बिजली कनेक्शन का उपयोग सुनिश्चित करने की बाते कहीं। इसके अतिरिक्त उन्होंने बिजली न रहने की स्थिति में सोलर तथा जनरेटर की व्यवस्था रखने के निर्देश दिए।

जांच के क्रम में डीसी ने डॉक्टर रोस्टर की भी समीक्षा की तथा निर्देश दिया कि किसी चिकित्सक की अनुपस्थिति की स्थिति में उसके स्थान पर ड्यूटी कर रहे चिकित्सक का स्पष्ट उल्लेख रोस्टर में किया जाए। प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी ने जानकारी दी कि मेराल सीएचसी अंतर्गत पांच प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों का भी संचालन किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त उन्होंने वहां पदस्थापित चिकित्सकों एवं अन्य स्वास्थ्य कर्मियों की उपलब्धता की जानकारी दी गई। निरीक्षण के दौरान डीसी के साथ प्रखंड सह अंचल पदाधिकारी यशवंत नायक, कार्यपालक अभियंता भवन प्रमंडल प्रेमलाल सिंह, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी पंकज कुमार गिरी, प्रखंड कल्याण पदाधिकारी रामनंदन विश्वकर्मा सहित प्रखंड एवं स्वास्थ्य विभाग के अन्य कर्मी उपस्थित थे।
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