जिले के आठ केंद्रों पर प्रतिभा खोज परीक्षा शांतिपूर्ण और कदाचारमुक्त संपन्न

15 नवंबर तक घोषित होगा परीक्षाफल, मेधावी विद्यार्थियों को किया जाएगा सम्मानित
गढ़वा। जिला पब्लिक स्कूल समन्वय समिति के तत्वावधान में आयोजित 22वीं प्रतिभा खोज परीक्षा रविवार को जिले के आठ परीक्षा केंद्रों पर शांतिपूर्ण एवं कदाचारमुक्त वातावरण में संपन्न हुई। परीक्षा में जिले के विभिन्न विद्यालयों से कुल 3167 परीक्षार्थियों ने भाग लिया, जबकि 42 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे। सभी केंद्रों पर परीक्षा के सफल संचालन के लिए विशेष निगरानी एवं पर्यवेक्षण की व्यवस्था की गई थी। समन्वय समिति के सचिव एमपी केसरी ने बताया कि परीक्षा का परीक्षाफल 15 नवंबर तक घोषित कर दिया जाएगा। इसके बाद परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभावान एवं मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि परीक्षा का उद्देश्य विद्यार्थियों में प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित करने के साथ उनकी प्रतिभा को उचित मंच प्रदान करना है।

समिति के अध्यक्ष अलखनाथ पाण्डेय ने कहा कि प्रतिभा खोज परीक्षा के माध्यम से सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में छिपी प्रतिभाओं को सामने लाने का लगातार प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस परीक्षा के माध्यम से सामने आए कई विद्यार्थी आज विभिन्न उच्च पदों पर कार्यरत होकर जिले और राज्य का नाम रोशन कर रहे हैं। यह परीक्षा ग्रामीण एवं आर्थिक रूप से सामान्य परिवारों के बच्चों को अपनी प्रतिभा साबित करने का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करती है। सभी समूहों के लिए परीक्षा एक ही पाली में आयोजित की गई। गढ़वा में दो केंद्र बनाए गए थे। जीएन कान्वेंट स्कूल में ग्रुप ए एवं बी तथा आरके पब्लिक स्कूल के पुराने भवन में ग्रुप सी एवं डी के परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी। इसी प्रकार मझिआंव, कांडी एवं बरडीहा के लिए आरके पब्लिक स्कूल ऊंचरी, बिशुनपुरा के लिए आरआरपीडी उच्च विद्यालय, बंशीधर नगर के लिए प्लस टू उच्च विद्यालय, मेराल के लिए प्लस टू उच्च विद्यालय मेराल, डंडई के लिए मध्य विद्यालय तसरार तथा रंका के लिए परियोजना उच्च विद्यालय रंका को परीक्षा केंद्र बनाया गया था। परीक्षा के सुचारू एवं निष्पक्ष संचालन के लिए केंद्रवार पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की गई थी। आरके पब्लिक स्कूल में अशोक विश्वकर्मा, जीएन कान्वेंट में एमपी केसरी, बंशीधर नगर में सुशील केसरी, मझिआंव में सुधीर पाठक, रंका में अनिल विश्वकर्मा, डंडई में मोजीब खान, मेराल में कमलेश दुबे तथा बिशुनपुरा में अभय कुमार दुबे को पर्यवेक्षक बनाया गया था। समिति के पदाधिकारियों ने परीक्षा के सफल एवं शांतिपूर्ण आयोजन में सहयोग करने वाले सभी विद्यालय प्रबंधन, शिक्षक, पर्यवेक्षक, अभिभावक एवं विद्यार्थियों के प्रति आभार जताया।



