ईंट भट्टों और श्रमिक बस्तियों में पहुंचकर बच्चों को स्कूल से जोड़ रहे एचएम गंगेश पांडेय

बलराम शर्मा
मेराल । शिक्षा से वंचित बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में उत्क्रमित मध्य विद्यालय, ब्लॉक कॉलोनी मेराल के प्रभारी प्रधानाध्यापक गंगेश पांडेय का प्रयास प्रेरणादायक मिसाल बन गया है। वे लगातार ईंट भट्टों, श्रमिक बस्तियों और दूर-दराज के टोलों में पहुंचकर अभिभावकों से संवाद कर बच्चों का विद्यालय में नामांकन करा रहे हैं।
प्रधानाध्यापक गंगेश पांडेय ने बताया कि वर्ष 2018 से वे इस अभियान को निरंतर चला रहे हैं। इस दौरान उन्होंने ईंट-भट्टों पर कार्य करने वाले श्रमिक परिवारों, घुमंतू एवं मुसहर समुदाय के बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने का अभियान शुरू किया। हाल ही में विद्यालय की पहल पर सात मुसहर बच्चों का नामांकन कराया गया, जिससे उन्हें नियमित शिक्षा का अवसर मिल सका।
उन्होंने बताया कि अब तक लगभग 30 श्रमिक परिवारों के बच्चों का विद्यालय में नामांकन कराया जा चुका है। इनमें से तीन बच्चे आठवीं कक्षा उत्तीर्ण कर आगे की पढ़ाई कर रहे हैं। वर्तमान में विद्यालय में ऐसे 21 से अधिक बच्चे नियमित रूप से अध्ययनरत हैं।
विद्यालय की ओर से बच्चों को स्कूल बैग, यूनिफॉर्म, जूते, मोजे तथा अन्य आवश्यक शैक्षणिक सामग्री भी उपलब्ध कराई गई है, ताकि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों की पढ़ाई में किसी प्रकार की बाधा न आए।
गंगेश पांडेय ने कहा कि शिक्षा से वंचित प्रत्येक बच्चे तक पहुंचना उनका उद्देश्य है और यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। इस कार्य में विद्यालय प्रबंधन समिति, शिक्षक, जनप्रतिनिधि तथा स्थानीय ग्रामीणों का भी भरपूर सहयोग मिल रहा है।
शिक्षा के क्षेत्र में किया जा रहा यह प्रयास समाज के लिए प्रेरणादायक उदाहरण बनकर सामने आया है। स्थानीय लोगों का मानना है कि ऐसे अभियान से श्रमिक परिवारों के बच्चों का भविष्य संवरने के साथ-साथ समाज में शिक्षा के प्रति जागरूकता भी बढ़ रही है।




