मुआवजा नहीं तो सड़क नहीं, रैयतों के हक से कोई समझौता नहीं होगा : विधायक सत्येंद्र नाथ तिवारी

मेराल। क्षेत्रीय विधायक सत्येंद्र नाथ तिवारी रविवार को प्रखंड के अरंगी गांव पहुंचे, जहां उन्होंने ग्रामीणों के साथ बैठक कर सड़क निर्माण के लिए अधिग्रहित की गई जमीन के मुआवजे से संबंधित शिकायतों को गंभीरता से सुना। बैठक में ग्रामीणों ने बताया कि सड़क निर्माण के लिए उनकी जमीन ली जा रही है, लेकिन अब तक उन्हें भूमि अधिग्रहण का उचित मुआवजा नहीं मिला है। इस कारण ग्रामीणों में नाराजगी है।

ग्रामीणों की शिकायत सुनने के बाद विधायक सत्येंद्र नाथ तिवारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि “मुआवजा नहीं तो सड़क नहीं।” उन्होंने कहा कि जब तक प्रभावित रैयतों को उनकी जमीन का उचित मूल्यांकन कर नियमानुसार मुआवजा नहीं दिया जाता, तब तक सड़क निर्माण कार्य नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि वे इस मुद्दे पर पूरी मजबूती के साथ ग्रामीणों के साथ खड़े हैं और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए हर संभव प्रयास करेंगे।

विधायक ने कहा कि विकास कार्य जरूरी हैं, लेकिन किसी भी कीमत पर किसानों और रैयतों के अधिकारों का हनन स्वीकार नहीं किया जाएगा। सरकार की योजनाओं का लाभ लोगों को मिले, इसके लिए आवश्यक है कि भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और न्यायसंगत हो। उन्होंने कहा कि पहले जमीन का सही मूल्यांकन कर प्रभावित लोगों को मुआवजा दिया जाए, उसके बाद ही निर्माण कार्य आगे बढ़ाया जाए।

उन्होंने कहा कि यह केवल अरंगी गांव का मामला नहीं, बल्कि जनहित और किसानों के अधिकारों से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है। इस मामले को वे जिला प्रशासन के समक्ष प्रमुखता से उठाएंगे तथा संबंधित अधिकारियों से वार्ता कर रैयतों की समस्याओं का शीघ्र समाधान कराने का प्रयास करेंगे। विधायक ने ग्रामीणों के अन्य कई समस्याओं को लेकर मौके पर अधिकारियों से बात भी किया।

बैठक में भाजपा जिलाध्यक्ष उदय कुमार कुशवाहा, पूर्व सांसद घूरन राम, विधायक प्रतिनिधि डॉ. लालमोहन, वार्ड सदस्य रामाशीष कुशवाहा सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं रैयत उपस्थित थे। बैठक में मौजूद ग्रामीणों ने भी एक स्वर में मांग की कि जब तक भूमि का उचित मुआवजा नहीं दिया जाता, तब तक यहां सड़क नहीं बनने दिया जाएगा।




