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एसडीओ संजय कुमार ने मेराल में ‘आपन सरस्वतिया अभियान’ की प्रगति पर जताई खुशी, नेतृत्वकर्ताओं व सहयोगियों की सराहना

आठवां दिन सीओ यशवंत नायक, डॉ. अनिल साह, करकोमा मुखिया वीरेंद्र नाथ तिवारी, प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी शशि कुमार कश्यप तथा नवजीवन हॉस्पिटल की ओर से भी एक-एक जेसीबी मशीन लगाई गई

बलराम शर्मा

मेराल। गढ़वा जिला सदर एसडीएम संजय कुमार ने प्रखंड मुख्यालय में प्रशासन और जनसहयोग से संचालित ‘आपन सरस्वतिया अभियान’ के आठवें दिन रविवार को नदी सफाई एवं चौड़ीकरण कार्य का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अभियान की प्रगति पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कार्य का नेतृत्व कर रहे सीओ यशवंत नायक तथा अभियान को सफल बनाने में जुटे सभी जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों की खुलकर प्रशंसा की।

एसडीओ ने कहा कि मेराल प्रखंड मुख्यालय से होकर गुजरने वाली सरस्वतिया नदी की लंबाई लगभग साढ़े तीन किलोमीटर है, जिसमें करीब 60 प्रतिशत सफाई एवं चौड़ीकरण कार्य जनसहयोग से पूरा किया जा चुका है। शेष कार्य अगले सप्ताह तक पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि वर्षों से उपेक्षित और अस्तित्व खोती जा रही सरस्वतिया नदी इस अभियान के बाद पुनः अपने स्वरूप में लौट जाएगी।

इस अवसर पर सीओ सह बीडीओ यशवंत नायक ने अभियान में सहयोग देने वाले समाजसेवियों, जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि बिना किसी सरकारी खर्च के जनसहयोग से इतना बड़ा कार्य किया जाना क्षेत्र के लिए गौरव की बात है। साथ ही उन्होंने उन लोगों से भी अभियान से जुड़ने और सहयोग करने की अपील की, जिन्होंने अभी तक अपना योगदान नहीं दिया है।

अभियान से जुड़े संजय भगत ने कहा कि एसडीएम की प्रेरणा और सीओ के नेतृत्व में सरस्वतिया नदी का जो कायाकल्प हो रहा है, उसे लंबे समय तक याद रखा जाएगा। विधायक प्रतिनिधि डॉ. लालमोहन ने भी अधिकारियों तथा अभियान में सहयोग कर रहे लोगों के प्रयासों की सराहना की।

रविवार को अभियान में प्रतिदिन की भांति सीओ की ओर से एक जेसीबी उपलब्ध कराई गई। इसके अलावा प्रसिद्ध चिकित्सक डॉ. अनिल साह, करकोमा मुखिया वीरेंद्र नाथ तिवारी, प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी शशि कुमार कश्यप तथा नवजीवन हॉस्पिटल की ओर से भी एक-एक जेसीबी मशीन लगाई गई।

अभियान में सहयोग करने वालों में डॉ. दीपक यादव, धनंजय चौधरी, विजय प्रसाद, विनोद कुमार कुशवाहा, मदन यादव, सुनील कुमार, नाथुन राम, प्रेमचंद प्रसाद, दशरथ प्रसाद, महेंद्र प्रसाद, सुनील कुमार कालिया, प्रमोद महाजन, विनोद प्रसाद, सुरकेश बैठा, सतीश गुप्ता, शिवनाथ गुप्ता, अमृत यादव सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं सामाजिक कार्यकर्ता शामिल रहे।

जन-जागरूकता संदेश

नदियां केवल जल का स्रोत नहीं बल्कि हमारी संस्कृति, पर्यावरण और जीवन का आधार हैं। सरस्वतिया नदी को पुनर्जीवित करने का यह अभियान सामुदायिक भागीदारी का उत्कृष्ट उदाहरण है। यदि प्रत्येक गांव और शहर अपने जलस्रोतों की सुरक्षा और सफाई का संकल्प ले, तो जल संकट, प्रदूषण और पर्यावरणीय समस्याओं पर काफी हद तक नियंत्रण पाया जा सकता है। “नदी बचाएं, जल बचाएं और आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ पर्यावरण का निर्माण करें।”

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