भारी बारिश के खतरे पर अलर्ट: उपायुक्त ने कोयल-सोन के तटीय इलाकों का लिया जायजा

उफनाती नदियों, जलभराव और डूबी फसलों का निरीक्षण, अधिकारियों को त्वरित आकलन व राहत तैयारियां पूरी रखने का निर्देश
गढ़वा। जिले में लगातार हो रही बारिश और आगामी दिनों में संभावित भारी वर्षा को लेकर जिला प्रशासन सतर्क हो गया है। उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी पशुपति नाथ मिश्रा ने बुधवार को कोयल एवं सोन नदी के तटीय और संवेदनशील क्षेत्रों का स्थल निरीक्षण कर जलस्तर, संभावित खतरे तथा बारिश से फसलों को हुए नुकसान का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां समय रहते पूरी कर ली जाएं।

उपायुक्त ने मझिआंव प्रखंड क्षेत्र में कोयल नदी तथा कांडी प्रखंड के सोन नदी तटीय इलाकों का निरीक्षण किया। इस दौरान जलभराव और बारिश से प्रभावित फसलों की स्थिति देखी गई। संबंधित अंचल अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि फसल क्षति का स्थल पर सही, पारदर्शी और निष्पक्ष आकलन कर अविलंब रिपोर्ट उपलब्ध कराएं, ताकि प्रभावित किसानों को नियमानुसार सहायता दिलाने की कार्रवाई की जा सके।
भीम बराज पहुंचे उपायुक्त, किसानों ने रखीं समस्याएं
निरीक्षण की शुरुआत मोहम्मदगंज स्थित भीम बराज से हुई। उपायुक्त ने बराज में पानी के बहाव, जलस्तर और व्यवस्थाओं का बारीकी से निरीक्षण किया। मौके पर मौजूद किसानों और स्थानीय लोगों ने लगातार बारिश से धान की फसल को हुए नुकसान की जानकारी दी। लोगों ने बराज के रखरखाव और बेहतर व्यवस्था की मांग करते हुए बताया कि यहां 40 गेट हैं और समुचित देखरेख होने पर आसपास के क्षेत्रों को इसका अधिक लाभ मिल सकता है।
उपायुक्त ने लोगों की समस्याएं गंभीरता से सुनीं और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
सोन नदी के किनारे जलभराव, ग्रामीणों ने मांगी मजबूत गार्ड वॉल
कांडी प्रखंड के सोन नदी तटीय क्षेत्र में निरीक्षण के दौरान ग्रामीणों ने बताया कि भारी बारिश से कई इलाके जलमग्न हो गए हैं और बड़े पैमाने पर फसलों को नुकसान पहुंचा है। ग्रामीणों ने तटीय क्षेत्रों की सुरक्षा के लिए मजबूत और स्थायी गार्ड वॉल बनाने तथा कोरगाई से सुंडीपुर तक मिट्टी भराई और बोल्डर पीचिंग कराने की मांग रखी।
उपायुक्त ने अंचल अधिकारी को संभावित आपदा से निपटने के लिए गोताखोर, खाद्य सामग्री और अन्य आवश्यक संसाधनों की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित रखने का निर्देश दिया, ताकि जरूरत पड़ने पर प्रभावित लोगों को तत्काल राहत पहुंचाई जा सके।
नारायणपुर में डूबी फसलों का भी लिया जायजा
निरीक्षण के क्रम में उपायुक्त ने कांडी प्रखंड के नारायणपुर गांव पहुंचकर जलभराव से डूबी फसलों की स्थिति देखी। उन्होंने अधिकारियों को प्रभावित किसानों की क्षति का सटीक आकलन कर शीघ्र रिपोर्ट देने का निर्देश दिया।
उपायुक्त ने कहा कि संभावित भारी बारिश को देखते हुए सभी पदाधिकारी और कर्मी पूरी तरह सतर्क रहें तथा संवेदनशील क्षेत्रों पर लगातार नजर रखें। किसी भी आपात स्थिति में राहत और बचाव कार्य में देरी नहीं होनी चाहिए।

निरीक्षण के दौरान अपर समाहर्ता विकास कुमार राय, मंझिआंव एवं कांडी के अंचल अधिकारी, संबंधित थाना प्रभारी, स्थानीय जनप्रतिनिधि सहित अन्य पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे।
