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सिविल सर्जन ने मेराल सीएचसी का किया औचक निरीक्षण, बड़ी लापरवाही उजागर, 

विलंब से पहुंचे प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी समेत तीन चिकित्सकों के वेतन रोकने का निर्देश

औचक निरीक्षण में मिली कई अनियमितताएं, नियमित ओपीडी व अस्पताल व्यवस्था सुधारने के दिए निर्देश

लराम शर्मा 

गढ़वासिविल सर्जन डॉ. जॉन एफ. केनेडी ने मेराल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अस्पताल में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आने पर उन्होंने कड़ी नाराजगी जताई और निरीक्षण की सूचना मिलने पर विलंब से पहुंचे प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी समेत एक माह से बिना सूचना अनुपस्थित दो चिकित्सकों समेत तीनों के वेतन तत्काल प्रभाव से रोकने का निर्देश दिया।

निरीक्षण में पाया गया कि डॉ. मुन्ना कुमार और डॉ. मृदुल मिश्रा करीब एक माह से लगातार ड्यूटी से अनुपस्थित हैं। निरीक्षण के दिन भी दोनों चिकित्सक अस्पताल में मौजूद नहीं मिले। वहीं प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. वीरेन्द्र कुमार भी निरीक्षण के समय अनुपस्थित थे। बाद में सिविल सर्जन के आने की सूचना मिलने पर वे अस्पताल पहुंचे।

सिविल सर्जन ने अनुपस्थित चिकित्सकों से स्पष्टीकरण मांगने के साथ उनके वेतन भुगतान पर रोक लगाने का आदेश दिया। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि अस्पताल में एमबीबीएस चिकित्सक द्वारा नियमित ओपीडी सेवा का संचालन नहीं किया जा रहा था, जिससे दूर-दराज के ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।

निरीक्षण में प्रशासनिक स्तर पर भी कई कमियां उजागर हुईं। अस्पताल में लिपिक की कमी दूर करने के लिए हाल ही में एक कर्मी की तैनाती की गई थी, लेकिन अब तक उसे विधिवत प्रभार नहीं सौंपा गया था। इस पर सिविल सर्जन ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए तत्काल प्रभार हस्तांतरण और प्रशासनिक व्यवस्था दुरुस्त करने का निर्देश दिया।

डॉ. जॉन एफ. केनेडी ने कहा कि सरकारी अस्पतालों में मरीजों को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना स्वास्थ्य विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकारी कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही, अनुशासनहीनता या उदासीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

उन्होंने अस्पताल प्रबंधन को चेतावनी देते हुए निर्देश दिया कि सभी कमियों को शीघ्र दूर कर स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्था में सुधार सुनिश्चित करें, अन्यथा संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध और कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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