मेराल-भवनाथपुर-चोपन रेल संपर्क की मांग तेज, आंदोलन की बनी रूपरेखा

‘रेल चलाओ संघर्ष समिति’ की बैठक में आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से तेज करने का निर्णय, गांव-गांव जनजागरूकता व हस्ताक्षर अभियान चलाने पर बनी सहमति
बलराम शर्मा
जनहित न्यूज़ लाइव- गढ़वा। मेराल-भवनाथपुर-चोपन रेल संपर्क की मांग को लेकर ‘रेल चलाओ संघर्ष समिति’ ने आंदोलन को और तेज करने की रणनीति तैयार की है। रविवार को कंडी प्रखंड के प्रसिद्ध सतबहिनी झरना तीर्थस्थल स्थित बजरंगबली मंदिर परिसर में समिति की महत्वपूर्ण बैठक हुई। बैठक में मेराल–भवनाथपुर रेलखंड पर यात्री ट्रेन सेवा शुरू कराने, रेल संपर्क को खरौंधी, कोन और सलईबनवा होते हुए चोपन से जोड़ने की मांग को लेकर चरणबद्ध आंदोलन चलाने पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में क्षेत्र में जनसमर्थन बढ़ाने, गांव-गांव जनजागरूकता अभियान चलाने तथा हस्ताक्षर अभियान को गति देने की रणनीति पर विचार-विमर्श हुआ। आयोजकों ने कहा कि लंबे समय से चली आ रही रेल सुविधा की मांग को व्यापक जनहित का मुद्दा बनाते हुए आंदोलन को मजबूती प्रदान की जाएगी।
आयोजनकर्ता जिला परिषद सदस्य प्रतिनिधि दिनेश कुमार ने कहा कि क्षेत्रवासियों की लंबे समय से चली आ रही रेल सुविधा की मांग को मजबूती से उठाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि व्यापक जनसमर्थन के साथ आंदोलन को आगे बढ़ाया जाएगा।
बैठक का संचालन खुटहेरिया पंचायत समिति सदस्य अभिनंदन शर्मा ने किया। इस दौरान पतरिया पंचायत समिति सदस्य अमरजीत ठाकुर उर्फ प्रिंस ठाकुर सहित अन्य वक्ताओं ने क्षेत्र में रेल संपर्क की आवश्यकता पर अपने विचार रखे। समिति की ओर से रेल मंत्री को पत्र भेजकर मेराल-भवनाथपुर रेलखंड पर यात्री ट्रेन सेवा शुरू करने तथा रेल सुविधा को सलईबनवा तक बहाल करने की मांग करने का निर्णय लिया गया।

समिति के अनुसार मेराल से भवनाथपुर माइंस तक करीब 35 किलोमीटर रेल लाइन पहले से बिछी हुई है, जिस पर पूर्व में मालगाड़ियों का परिचालन होता था। समिति का कहना है कि उपलब्ध रेल आधारभूत संरचना का उपयोग कर यात्री ट्रेन सेवा शुरू की जाती है तो क्षेत्र के लोगों को आवागमन में सुविधा मिलेगी। इसके साथ ही व्यापार, रोजगार और औद्योगिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है।
वक्ताओं ने कहा कि प्रस्तावित रेल संपर्क से झारखंड के अलावा बिहार, उत्तर प्रदेश और छत्तीसगढ़ के सीमावर्ती क्षेत्रों की बड़ी आबादी को लाभ मिल सकता है। बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि रेल सुविधा की मांग को किसी एक गांव या क्षेत्र तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि इसे व्यापक जनहित का मुद्दा बनाकर चरणबद्ध आंदोलन के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों को जोड़ा जाएगा।
बैठक में अरुण राम, रमेश कुमार, अमरजीत ठाकुर उर्फ प्रिंस ठाकुर, देवेंद्र प्रजापति, राजन कुमार रवि, उमेश कुमार गुप्ता, पप्पू कुमार, गौतम कुमार पाल, विनय कुमार यादव, विशाल कुमार, मनीष पासवान, लालमेंद्र पासवान, शिव नारायण यादव सहित सैकड़ों ग्रामीण एवं समिति से जुड़े लोग उपस्थित थे।


