जनता की शिकायतों पर विधानसभा की याचिका समिति सख्त, 30 मामलों की हुई समीक्षा

लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन का निर्देश, परिसदन सभागार की क्षमता बढ़ाने पर भी जोर
गढ़वा। झारखंड विधानसभा की याचिका समिति ने सोमवार को गढ़वा जिले का दौरा कर परिसदन सभागार में जिले के वरीय पदाधिकारियों एवं विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। समिति के माननीय सदस्य उदय शंकर सिंह एवं नागेंद्र महतो सहित अन्य सदस्य बैठक में उपस्थित रहे। बैठक में जिले से संबंधित जन शिकायतों, लंबित याचिकाओं एवं विकास कार्यों की विभागवार समीक्षा की गई।
समिति ने 30 विभिन्न विभागों से संबंधित लंबित मामलों की क्रमवार समीक्षा करते हुए संबंधित पदाधिकारियों से प्रत्येक मामले की वर्तमान स्थिति एवं अब तक की गई कार्रवाई की जानकारी ली। समिति ने निर्देश दिया कि सभी शिकायतों और लंबित मामलों का शीघ्र, पारदर्शी एवं नियमानुसार निष्पादन सुनिश्चित किया जाए, ताकि आम जनता को समय पर न्याय एवं राहत मिल सके।
समिति ने स्पष्ट कहा कि जन शिकायतों के समाधान में अनावश्यक विलंब स्वीकार्य नहीं होगा। सभी विभागों को निर्धारित समयसीमा के भीतर मामलों का निष्पादन करने का निर्देश दिया गया। लापरवाही अथवा अनावश्यक विलंब पाए जाने पर संबंधित पदाधिकारियों से स्पष्टीकरण लेने की बात कही गई।
बैठक में ग्रामीण विकास, नगर विकास, ग्रामीण विकास विशेष प्रमंडल, भवन प्रमंडल, पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल, जिला नियोजन कार्यालय, कल्याण, समाज कल्याण, खनन, पंचायती राज, श्रम, राजस्व, उत्पाद, स्वास्थ्य, आवास एवं आपूर्ति विभाग सहित विभिन्न विभागों से संबंधित याचिकाओं की समीक्षा हुई। जिले में संचालित विकास योजनाओं एवं जनकल्याणकारी कार्यक्रमों की प्रगति की भी जानकारी ली गई।
समिति ने गढ़वा परिसदन सभागार की क्षमता एवं सुविधाओं का जायजा लेते हुए इसकी क्षमता बढ़ाने तथा आवश्यक सुविधाओं में सुधार का निर्देश दिया।
बैठक में उप विकास आयुक्त प्रेमलता मुर्मू, अपर समाहर्ता विकास कुमार राय, वन प्रमंडल पदाधिकारी सामाजिक वानिकी के.के. सिंह, अनुमंडल पदाधिकारी गढ़वा कुमार मयंक भूषण, अनुमंडल पदाधिकारी रंका मो. परवेज, सहायक निदेशक सामाजिक सुरक्षा पंकज कुमार गिरि, जिला आपूर्ति पदाधिकारी देवानंद राम, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी राजेश कुमार, कार्यपालक अभियंता भवन प्रमंडल प्रेमलाल सिंह, जिला शिक्षा अधीक्षक अनुराग मिंज, जिला कृषि पदाधिकारी खुशबू पासवान सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय पदाधिकारी एवं अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
समिति ने सभी अधिकारियों को जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए याचिकाओं का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।




