पूर्व मुखिया सुषमा कुशवाहा के ससुर को दी गई भावभीनी अंतिम विदाई

सरल हृदय, मृदुभाषी और समाजसेवा के प्रति समर्पित थे अशर्फी सिंह कुशवाहा संजय भगत
बलराम शर्मा
मेराल। प्रखंड मुख्यालय के ग्राम पंचायत मेराल पूर्वी की दो बार निर्वाचित पूर्व मुखिया एवं शिक्षिका सुषमा कुशवाहा के ससुर तथा उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय पूर्वारा टोला के सहायक अध्यापक विनोद कुमार कुशवाहा के पिता अशर्फी सिंह कुशवाहा का शुक्रवार को छत्तीसगढ़ में हुई एक सड़क दुर्घटना में निधन हो गया। उनके निधन से परिवार एवं क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। स्वर्गीय अशर्फी सिंह कुशवाहा अपने पीछे पत्नी, पांच पुत्र एवं एक पुत्री सहित भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं।

शनिवार को उनका अंतिम संस्कार मेराल स्थित सरस्वतिया नदी श्मशान घाट पर पूरे विधि-विधान के साथ किया गया। अंतिम यात्रा एवं दाह संस्कार में मुखिया रामसागर महतो, विधायक प्रतिनिधि डॉ. लालमोहन, मां शायर देवी धाम संचालन समिति के मुख्य संरक्षक संजय भगत, अध्यक्ष विजय प्रसाद, शिक्षक राजेंद्र प्रसाद, अमरनाथ विश्वकर्मा, मदन यादव, रुपू महतो, रामप्रवेश कुशवाहा, विनेश मेहता, देवव्रत मेहता, सुनील मेहता, रंजीत कुमार, रामजी कुशवाहा, अर्जुन शर्मा, मनोज रजक, देव कुमार जायसवाल सहित बड़ी संख्या में परिजन, स्थानीय ग्रामीण एवं गणमान्य लोग शामिल हुए और दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि अर्पित की। इससे पूर्व उनके आवास पर पहुंचकर भाजपा जिलाध्यक्ष उदय कुमार कुशवाहा, झामुमो प्रखंड अध्यक्ष सूर्य प्रकाश उर्फ सुड्डू, रोहित कुमार सहित दर्जनों शिक्षकों, जनप्रतिनिधियों एवं शुभचिंतकों ने शोक संतप्त परिवार से मिलकर अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं तथा दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की। मौके पर पूर्व जिप सदस्य संजय भगत ने कहा अशर्फी सिंह कुशवाहा सरल हृदय, मृदुभाषी और समाजसेवा के प्रति समर्पित रहते थे। उन्होंने अपने अथक परिश्रम और कर्मठता के बल पर न केवल अपने परिवार को आगे बढ़ाया, बल्कि सामाजिक क्षेत्र में भी विशिष्ट पहचान स्थापित किया है।




