जन्माष्टमी आज: बंशीधर की मुरली बजेगी, कृष्ण भक्ति में डूबेगा पूरा गढ़वा

स्वप्न में दिए दर्शन से कनहर तट पर प्रकट हुई आस्था की कहानी, श्री बंशीधर मंदिर में उमड़ेगा श्रद्धा का सैलाब
बलराम शर्मा
गढ़वा। जन्माष्टमी के पावन अवसर पर गढ़वा की धार्मिक नगरी श्री बंशीधर नगर आज भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति में सराबोर होने जा रही है। मुरलीधर के अलौकिक स्वरूप के दर्शन के लिए दूर-दराज से श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया है। मान्यता है कि बंशीधर के दरबार में सच्चे मन से मांगी गई मुराद पूरी होती है।
श्री बंशीधर मंदिर की आस्था से जुड़ी कथा भी अत्यंत भावपूर्ण है। मान्यता के अनुसार नगर ऊंटारी गढ़ के महाराजा भवानी सिंह की पत्नी रानी शिव मानी कुंवर को भगवान श्रीकृष्ण ने स्वप्न में दर्शन देकर कनहर नदी किनारे शिव पहाड़ी पर अपनी प्रतिमा होने का संकेत दिया था। इसके बाद प्रतिमा को नगर ऊंटारी लाया गया। राजमहल में स्थापना की योजना थी, लेकिन प्रतिमा राजमहल के बाहर समिति की जमीन पर स्थापित हुई। श्रद्धालु इसे स्वयं भगवान द्वारा अपना स्थान चुने जाने की लीला मानते हैं।
समय के साथ यही मंदिर इस नगरी की पहचान बन गया। वर्ष 2018 में नगर ऊंटारी का नाम बदलकर श्री बंशीधर नगर किया गया।
जन्माष्टमी पर मंदिर को भव्य रूप से सजाया गया है। श्रीमद्भागवत कथा, प्रवचन और धार्मिक आयोजनों से वातावरण कृष्णमय है। आज जन्माष्टमी के अवसर पर भगवान बंशीधर के जयकारों से पूरा नगर गूंज उठेगा। मुरली की मधुर कल्पना और कान्हा के दर्शन श्रद्धालुओं के मन की थकान हर-कर उन्हें भक्ति, विश्वास और आत्मिक शांति से भर देंगे।



