24 घंटे तक गूंजता रहा ‘जय सिया राम’, भक्तिरस में डूबा रहा मुडल टोला

अखंड संकीर्तन के समापन पर उमड़ा श्रद्धा का सैलाब, भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर हुआ पूरा क्षेत्र
मेराल (जनहित न्यूज लाइव)। प्रखंड मुख्यालय के मुडल टोला स्थित शिव मंदिर परिसर में 24 घंटे से निरंतर चल रहे ‘जय सिया राम, जय जय सिया राम’ के अखंड संकीर्तन का मंगलवार की शाम 8:30 बजे भक्तिमय एवं भावपूर्ण वातावरण में विधिवत समापन हुआ। अखंड संकीर्तन के दौरान पूरा मुडल टोला ही नहीं, बल्कि आसपास का क्षेत्र भी रामनाम की मधुर धुन से गुंजायमान रहा। वातावरण में भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा का ऐसा संचार हुआ कि श्रद्धालु देर तक रामनाम के संकीर्तन में भाव-विभोर होकर सहभागी बने रहे।

अखंड संकीर्तन के 24 घंटे तक चले इस धार्मिक अनुष्ठान ने पूरे गांव के वातावरण को पवित्र, सकारात्मक और आध्यात्मिक ऊर्जा से ओत-प्रोत कर दिया। रामनाम की गूंज के बीच श्रद्धालुओं ने भक्ति और आस्था के साथ अपनी सहभागिता निभाई। आयोजन के दौरान मंदिर परिसर श्रद्धालुओं की उपस्थिति से जीवंत बना रहा और आसपास के जनमानस में भी आध्यात्मिक शांति एवं उल्लास का संचार हुआ।

समापन अवसर पर समिति के संरक्षक धनंजय चौधरी ने अखंड संकीर्तन में सहभागी सभी कीर्तन मंडलियों, श्रद्धालुओं एवं सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सामूहिक सहयोग, श्रद्धा और समर्पण के कारण ही यह धार्मिक आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हो सका। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन समाज में धार्मिक चेतना, आपसी भाईचारा और सकारात्मक ऊर्जा को मजबूत करते हैं।

आयोजन को सफल बनाने में पूजा समिति के अध्यक्ष बैजनाथ चौधरी, सचिव रामेश्वर चौधरी, कोषाध्यक्ष विजय चौधरी, कामेश्वर चौधरी, महेंद्र चौधरी, अर्जुन चौधरी, सुदर्शन चौधरी, सत्येंद्र चौधरी, शुकुल चौधरी, राजकुमार चौधरी, लक्ष्मी चौधरी एवं वार्ड सदस्य विनोद चौधरी सहित समिति के सदस्यों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

अखंड संकीर्तन में मेराल के प्रसिद्ध महावीर मंडली ने महंत मिथिलेश प्रसाद के नेतृत्व में मां शायर देवी धाम संचालन समिति के मुख्य संरक्षक संजय भगत, देवेंद्र शर्मा, प्रमोद प्रसाद गुप्ता, देव कुमार जायसवाल, अंबिका गुप्ता तथा नेनुआ मोड़ कीर्तन मंडली के लक्ष्मी मेहता एवं ब्यास राजेंद्र मेहता के नेतृत्व में अपनी सहभागिता निभाई, इसके अलावा भी कई कीर्तन मंडली शामिल हुए।

अखंड संकीर्तन के समापन के साथ ही मंदिर परिसर में भक्ति और श्रद्धा का वातावरण देर तक बना रहा। श्रद्धालुओं के चेहरों पर संतोष और आत्मिक शांति की अनुभूति स्पष्ट झलक रही थी। आयोजन ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि सामूहिक आस्था और रामनाम की भक्ति समाज को जोड़ने तथा मन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करने की अद्भुत शक्ति रखती है।



