डीसी की अध्यक्षता में अवैध अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर सख्ती के निर्देश

लिंग परीक्षण की सूचना देने पर मुखबिर और गर्भवती महिला को 40-40 हजार रुपए तथा सहयोगी को 20 हजार रुपए का प्रोत्साहन दिया जाएगा
गढ़वा । समाहरणालय सभागार में उपायुक्त सह जिला समुचित प्राधिकारी (PC&PNDT) पशुपति नाथ मिश्रा की अध्यक्षता में जिला सलाहकार समिति (गर्भधारण पूर्व और प्रसव पूर्व निदान तकनीक) की बैठक हुई। बैठक में जिले के लिंगानुपात, अल्ट्रासाउंड केंद्रों के संचालन, लाइसेंस नवीनीकरण, नए आवेदनों तथा स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की गई।
डीसी ने बिना लाइसेंस संचालित क्लीनिकों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने, सभी अल्ट्रासाउंड केंद्रों का औचक निरीक्षण कराने तथा नियमों का उल्लंघन करने वाले केंद्रों को नोटिस देकर सील करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी लाइसेंसधारी केंद्र गर्भधारण पूर्व और प्रसव पूर्व निदान तकनीक अधिनियम के नियमों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करें।
बैठक में बताया गया कि जिले में अब तक 37 क्लीनिकों एवं अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर कार्रवाई की जा चुकी है, जिनमें जुर्माना, प्राथमिकी, सीलिंग और स्पष्टीकरण जैसी कार्रवाई शामिल है।
डीसी ने मुखबिर/डिकॉय योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार करने का निर्देश देते हुए कहा कि लिंग परीक्षण की सूचना देने पर मुखबिर और गर्भवती महिला को 40-40 हजार रुपए तथा सहयोगी को 20 हजार रुपए का प्रोत्साहन दिया जाएगा। अवैध लिंग जांच की सूचना जिला समुचित प्राधिकारी या 104 हेल्पलाइन पर देने की अपील की गई।
बैठक में सदर अस्पताल के लिए नया उन्नत अल्ट्रासाउंड मशीन खरीदने के प्रस्ताव पर भी चर्चा हुई। इसके अलावा एएनसी पंजीकरण, संस्थागत प्रसव, टीकाकरण, परिवार नियोजन, चिकित्सकों की उपस्थिति और एम्बुलेंस सेवाओं सहित स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न योजनाओं की समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। बैठक में मुख्य रूप से सिविल सर्जन डॉ जेएफ कैनेडी, अस्पताल उपाधीक्षक डॉ माहेरू यमानी, डीडीएम सुजीत कुमार मुंडा, डीपीएम गौरव कुमार सहित जिले भर के चिकित्सा पदाधिकारी तथा विभाग के कई पदाधिकारी व कर्मी उपस्थित थे।



