‘कॉफी विद एसडीएम’ में जुटे जेसीबी संचालक, अवैध कार्यों से दूर रहने की अपील

आपन सरस्वतिया अभियान में संचालकों ने स्वेच्छा से एक-एक दिन गाड़ी देने का किया पेशकश
सुलभ डीजल उपलब्धता की रखी मांग, एसडीएम ने किया आश्वस्त
बलराम शर्मा
गढ़वा । एसडीएम संजय कुमार ने अपने साप्ताहिक संवाद कार्यक्रम ‘कॉफी विद एसडीएम’ के तहत इस सप्ताह अनुमंडल क्षेत्र के जेसीबी मालिकों एवं संचालकों के साथ विशेष बैठक की। कार्यक्रम में एक दर्जन से अधिक जेसीबी संचालकों ने भाग लिया और जनहित, विकास कार्यों तथा व्यवसाय से जुड़ी समस्याओं पर खुलकर अपने सुझाव रखे।
बैठक के दौरान सरस्वतिया नदी संरक्षण, सफाई एवं पुनर्जीवन अभियान पर विस्तार से चर्चा हुई। इस अवसर पर मेराल-करकोमा मुखिया वीरेंद्र नाथ तिवारी, मुकेश कुमार पाठक, राम उदय कंस्ट्रक्शन, रविकांत दुबे, सकेंद्र मेहता, दीपक पाठक ने स्वेच्छा से अपनी जेसीबी मशीन एक-एक दिन के लिए अभियान में उपलब्ध कराने की पेशकश की। एसडीएम ने उनकी इस सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि यह अभियान केवल प्रशासन का नहीं, बल्कि पूरे समाज का अभियान है, जिसकी सफलता जनभागीदारी पर निर्भर करती है।

संवाद के दौरान जेसीबी संचालकों ने व्यवसाय से जुड़ी चुनौतियों, प्रशासनिक प्रक्रियाओं एवं क्षेत्रीय विकास से संबंधित विभिन्न मुद्दों को उठाया। एसडीएम ने उनकी बातों को गंभीरता से सुनते हुए आवश्यक पहल का आश्वासन दिया।
एसडीएम ने संचालकों से अपील की कि वे अपनी गाड़ी का उपयोग किसी भी अवैध गतिविधि, विशेषकर अवैध खनन जैसे कार्यों में न करें। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्य कानूनी परेशानी का कारण बन सकते हैं और समाज के लिए भी नुकसानदायक हैं।
बैठक में सड़क दुर्घटनाओं एवं अन्य आपदा की स्थिति में मानवीय सहायता की भावना से आगे आने की भी अपील की गई। इस पर कई संचालकों ने भरोसा दिलाया कि दुर्घटना या आपदा की स्थिति में वे राहत एवं बचाव कार्यों में सक्रिय सहयोग करेंगे। एसडीएम ने उनके इस सकारात्मक दृष्टिकोण की सराहना की।
डीजल आपूर्ति का मुद्दा भी उठा
जेसीबी संचालकों ने बताया कि कई पेट्रोल पंपों पर उन्हें पर्याप्त मात्रा में डीजल उपलब्ध नहीं कराया जाता और कई बार केवल दो हजार रुपये तक का ही डीजल दिया जाता है, जबकि मशीन संचालन के लिए अधिक ईंधन की आवश्यकता होती है। इस पर एसडीएम ने संबंधित विभाग एवं अधिकारियों से बात कर समस्या के समाधान का प्रयास करने का आश्वासन दिया।
कार्यक्रम में मौजूद संचालकों ने प्रशासन और व्यवसायियों के बीच इस प्रकार के संवाद को उपयोगी बताते हुए भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम आयोजित करने की मांग की।



