डेढ़ वर्ष से खराब जलमीनार और चापाकल, पानी खरीदने को मजबूर ग्रामीण

मेराल। प्रखंड के लातदाग गांव स्थित चोरपनिया टोला में जलमीनार और चापाकल पिछले डेढ़ वर्ष से खराब पड़े हैं, जिससे दर्जनों परिवार गंभीर पेयजल संकट का सामना कर रहे हैं। आदिवासी, हरिजन एवं पिछड़ा वर्ग बहुल इस टोले के करीब 25-30 घरों के 100 से अधिक लोग इसी जलस्रोत पर निर्भर थे।
ग्रामीणों का कहना है कि पेयजल की व्यवस्था नहीं होने के कारण उन्हें आपस में पैसा जुटाकर टैंकर से पानी खरीदना पड़ रहा है। मजदूरी कर जीवन-यापन करने वाले परिवारों पर इसका अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है।
गुरुवार को ग्रामीणों ने एकत्र होकर पेयजल एवं स्वच्छता विभाग तथा स्थानीय प्रशासन से खराब जलमीनार और चापाकल की शीघ्र मरम्मत कराने की मांग की। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कई बार जनप्रतिनिधियों और संबंधित अधिकारियों से शिकायत करने के बावजूद अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। लोगों ने गर्मी को देखते हुए जल्द पेयजल व्यवस्था बहाल करने की मांग की है। ग्रामीण बिगन सिंह खरवार, बलराम सिंह खरवार, सुशील यादव, हीराराम चंद्रवंशी, सुधीश राम, प्रताप सिंह खरवार, अनन्या कुमारी, आशीर्वाद यादव, भोलानाथ सिंह, उपेंद्र यादव, रामयाद सिंह खरवार, मनीष सिंह खरवार आदि ने संयुक्त रूप से कहा कि जलमीनार और चापाकल पिछले डेढ़ वर्ष से खराब पड़े हैं। इसकी मरम्मत के लिए कई बार स्थानीय मुखिया, जनप्रतिनिधियों एवं संबंधित विभाग से गुहार लगाई गई, लेकिन अब तक कोई पहल नहीं की गई। उन्होंने कहा कि पेयजल संकट के कारण ग्रामीणों को आपस में पैसा जुटाकर टैंकर से पानी खरीदना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन एवं पेयजल एवं स्वच्छता विभाग से अविलंब जलमीनार और चापाकल की मरम्मत कर नियमित पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है।




