करमा पूजा के विसर्जन में कोयल नदी ने बुझा दिए पांच घरों के चिराग

पूजा की सामग्री विसर्जित करने गए थे ग्रामीण, एक-एक कर पांच बच्चे नदी में समाए; अस्पताल पहुंचे वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर व विधायक आलोक चौरसिया
पलामू। करमा पूजा की खुशियां उस समय मातम में बदल गईं, जब पूजा की सामग्री विसर्जित करने के दौरान कोयल नदी में पांच बच्चों की डूबने से मौत हो गई। दर्दनाक हादसा बुधवार सुबह चैनपुर थाना क्षेत्र के बोकेया पतरिया गांव के समीप हुआ। घटना की खबर फैलते ही पूरे गांव में चीख-पुकार मच गई और देखते ही देखते उत्सव का माहौल गम में बदल गया।

जानकारी के अनुसार, करमा पूजा के बाद पूजा सामग्री लेकर कुछ बच्चे व ग्रामीण कोयल नदी में विसर्जन के लिए पहुंचे थे। इसी दौरान नदी में नहाने अथवा पूजा सामग्री विसर्जित करने के क्रम में बच्चे गहरे पानी में चले गए और डूबने लगे। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने तत्काल बच्चों को नदी से बाहर निकालने का प्रयास शुरू किया।

घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। स्थानीय लोगों की मदद से नदी में खोजबीन और बचाव अभियान चलाया गया। काफी मशक्कत के बाद सभी पांचों बच्चों के शव बरामद किए गए। शव मिलने की खबर के साथ ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। पूरे गांव में मातम पसरा है।

अस्पताल पहुंचे वित्त मंत्री और विधायक
घटना की जानकारी मिलते ही वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर और विधायक आलोक चौरसिया अस्पताल पहुंचे। दोनों नेताओं ने घटना की जानकारी ली और मृतकों के परिजनों से मिलकर गहरी संवेदना व्यक्त की।
वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने कहा, “यह अत्यंत दुखद और हृदयविदारक घटना है। एक साथ कई बच्चों की जान चले जाना पूरे क्षेत्र के लिए अपूरणीय क्षति है। सरकार पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है और उन्हें हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।”

विधायक आलोक चौरसिया ने कहा, “घटना से मन बेहद व्यथित है। मृतकों के परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदना है। इस कठिन घड़ी में हम पीड़ित परिवारों के साथ हैं और उनकी हरसंभव मदद के लिए प्रयास किया जाएगा।”
करमा की खुशियां मातम में बदलीं
करमा पूजा के अवसर पर जिन घरों में सुबह से उत्साह और उमंग का माहौल था, वहां कुछ ही घंटों में मातम छा गया। जिन बच्चों को परिजन हंसी-खुशी पूजा स्थल की ओर जाते देख रहे थे, उनके शव लौटने की खबर ने पूरे गांव को झकझोर दिया।घटना ने एक बार फिर नदी, तालाब और जलाशयों में पूजा सामग्री विसर्जन के दौरान सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से ऐसे स्थानों पर पर्व-त्योहार के दौरान सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी बढ़ाने की मांग की है।



