मां का साया उठा तो नम हो गईं आंखें, किस्मती कॉलेज के निदेशक लव कुमार सिंह की माता जानकी देवी का निधन

अचानक हृदय गति रुकने से बोकारो आवास पर ली अंतिम सांस, छपरा के गंगा घाट पर नम आंखों से दी गई अंतिम विदाई
मेराल। किस्मती कॉलेज ऑफ नर्सिंग एंड फार्मेसी, मेराल के निदेशक लव कुमार सिंह की माता श्रीमती जानकी देवी का शनिवार की देर रात करीब 12:30 बजे बोकारो स्थित आवास पर अचानक हृदय गति रुक जाने से निधन हो गया। उनके निधन की खबर मिलते ही परिवार, रिश्तेदारों, शुभचिंतकों, शिक्षण संस्थान से जुड़े लोगों एवं क्षेत्रवासियों में शोक की लहर दौड़ गई। मां के निधन से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। जिस मां के स्नेह, ममता और आशीर्वाद से परिवार को जीवन में संबल मिलता था, उनके अचानक चले जाने से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। निधन की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में शुभचिंतक शोकाकुल परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करने पहुंचे। परिजनों के अनुसार, श्रीमती जानकी देवी का अंतिम संस्कार रविवार की रात्रि छपरा स्थित गंगा घाट पर पूरे विधि-विधान के साथ किया गया। गंगा तट पर अंतिम संस्कार के दौरान माहौल बेहद गमगीन रहा। परिजनों, रिश्तेदारों एवं शुभचिंतकों ने नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी। इस दौरान मां की ममता और उनके साथ बिताए पलों को याद कर हर किसी की आंखें भर आईं। श्रीमती जानकी देवी के निधन पर किस्मती कॉलेज ऑफ नर्सिंग एंड फार्मेसी, मेराल के शिक्षक-शिक्षकेत्तर कर्मचारियों एवं छात्र-छात्राओं ने गहरा शोक व्यक्त किया। संस्थान परिवार ने दिवंगत आत्मा की शांति एवं शोकाकुल परिवार को इस कठिन समय में धैर्य और शक्ति प्रदान करने की ईश्वर से प्रार्थना की।संस्थान के सचिव वीरेंद्र प्रसाद ने गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि मां का जाना परिवार के लिए जीवन की सबसे बड़ी पीड़ाओं में से एक है। मां का स्थान दुनिया में कोई नहीं ले सकता। उन्होंने कहा कि श्रीमती जानकी देवी का निधन परिवार के लिए अपूरणीय क्षति है। ईश्वर दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें तथा शोकाकुल परिजनों को इस असहनीय दुःख को सहने की शक्ति प्रदान करें।




