एनएच-39 पर निर्मित फ्लावर के नीचे नाली के अभाव में जलजमाव से भड़का लोगों का आक्रोश

विधायक प्रतिनिधि और अंचलाधिकारी के पहल पर जेसीबी से ड्रेनेज खोद कर निकली गई पानी
बलराम शर्मा
मेराल। दो दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश ने मेराल क्षेत्र में जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। इसी बीच नेनुआ मोड़ के समीप एनएच-39 पर नव निर्मित फ्लावर के नीचे नाली का निर्माण नहीं होने के कारण आसपास के दो-तीन मकानों के पास भारी जलजमाव हो गया। पानी जमा होने से स्थानीय लोगों को अपने घरों तक आने-जाने में भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

बारिश के बीच घरों के सामने और बगल में जमा पानी ने लोगों की परेशानी और बढ़ा दी। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क निर्माण के दौरान यदि पहले से पानी निकासी की समुचित व्यवस्था की जाती तो ऐसी स्थिति उत्पन्न नहीं होती। बारिश का पानी जब घरों के दरवाजे तक पहुंचने लगा तो लोगों का धैर्य भी जवाब देने लगा। स्थानीय लोगों की शिकायत पर विधायक प्रतिनिधि डॉ. लालमोहन और अंचलाधिकारी यशवंत नायक के पहल पर कंस्ट्रक्शन कंपनी एमजीसीपीएल द्वारा मौके पर जेसीबी भेजी गई, जिसके बाद ड्रेनेज की खुदाई कर पानी की निकासी कराने का प्रयास किया गया।

हालांकि, जहां ड्रेनेज खोदा गया, उसके पीछे स्थित मकानों में रहने वाले लोगों ने इस व्यवस्था पर भी नाराजगी जताई। उनका कहना है कि सड़क किनारे गड्ढा खोदकर पानी की निकासी तो की जा रही है, लेकिन आने-जाने के लिए कम से कम ह्यूमपाइप डालकर रास्ते की व्यवस्था की जानी चाहिए थी। स्थानीय लोगों के अनुसार, ड्रेनेज खोदकर छोड़ दिए जाने से अब उनके सामने पानी के साथ-साथ आने-जाने की नई समस्या खड़ी हो गई है।

स्थानीय लोगों ने निर्माण कंपनी और संबंधित अधिकारियों से मांग की है कि जल निकासी के लिए जल्द स्थायी नाली का निर्माण कराया जाए और आवागमन के लिए पाइप की व्यवस्था की जाए, ताकि बारिश के दिनों में लोगों को बार-बार ऐसी परेशानी न झेलनी पड़े। इधर, लगातार हो रही बारिश से मेराल प्रखंड के कई इलाकों में जलजमाव की स्थिति बनी हुई है। कहीं सड़कें पानी में डूबी हैं तो कहीं घरों के आसपास पानी जमा है। बारिश लोगों के लिए राहत की बूंदों के बजाय परेशानी का सैलाब बनती जा रही है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से तत्काल जल निकासी की स्थायी व्यवस्था कराने की मांग की है।



