एपीके फाइल से साइबर ठगी का नया जाल, एक क्लिक में खाली हो सकता है बैंक खाता

एपीके फाइल से साइबर ठगी का नया जाल, एक क्लिक में खाली हो सकता है बैंक खाता
बलराम शर्मा
गढ़वा । इन दिनों साइबर अपराधी लोगों को ठगने के लिए एपीके फाइल का सहारा ले रहे हैं। आरटीओ ट्रैफिक चालान, शादी का कार्ड, बिजली बिल, बैंक केवाईसी अपडेट, पार्सल डिलीवरी या सरकारी योजना के नाम पर भेजी जा रही एपीके फाइलें मोबाइल और बैंक खातों के लिए बड़ा खतरा बनती जा रही हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार एपीके फाइल एंड्रॉयड ऐप इंस्टॉल करने का एक फॉर्मेट है। साइबर ठग व्हाट्सएप, टेलीग्राम, एसएमएस या सोशल मीडिया के माध्यम से ऐसी फाइलें भेजते हैं। जैसे ही कोई व्यक्ति इस फाइल को डाउनलोड कर इंस्टॉल करता है, अपराधियों को उसके मोबाइल तक पहुंच मिल सकती है।
एपीके फाइल इंस्टॉल होने पर क्या हो सकता है
मोबाइल का रिमोट कंट्रोल अपराधियों के हाथ में जा सकता है। जिससे बैंकिंग ऐप, यूपीआई और नेट बैंकिंग की जानकारी चोरी हो सकती है। ओटीपी और एसएमएस पढ़े जा सकते हैं। स्क्रीन रिकॉर्डिंग और कॉन्टैक्ट लिस्ट की कॉपी की जा सकती है। सोशल मीडिया और अन्य खातों को हैक किया जा सकता है।
ऐसे मैसेज से रहें सावधान
आरटीओ ट्रैफिक चालान, शादी का निमंत्रण,
बिजली बिल या कनेक्शन कटने की सूचना,
बैंक खाता बंद होने या केवाईसी अपडेट का संदेश,
पार्सल डिलीवरी संबंधी सूचना
सरकारी योजना का लाभ लेने का दावा।
बचाव के उपाय
केवल गूगल प्ले स्टोर जैसे विश्वसनीय स्रोतों से ही ऐप डाउनलोड करें।
किसी अनजान नंबर या व्यक्ति द्वारा भेजी गई एपीके फाइल इंस्टॉल न करें।
संदिग्ध लिंक या फाइल पर क्लिक करने से बचें।
मोबाइल और बैंकिंग ऐप की सुरक्षा सेटिंग्स अपडेट रखें।
किसी भी स्थिति में ओटीपी, पिन या बैंकिंग जानकारी साझा न करें।
ठगी होने पर क्या करें
यदि गलती से एपीके फाइल इंस्टॉल हो जाए या बैंक खाते से अनधिकृत लेन-देन हो जाए, तो तुरंत बैंक को सूचित करें और राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं। साथ ही साइबर क्राइम पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज की जा सकती है।
साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि थोड़ी सी सतर्कता ही इस तरह की ऑनलाइन ठगी से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है।



