कोई ऐसा काम नहीं करें, जिससे दूसरे के आस्था को ठेस पहुंचे: मौलाना यासीन

मेराल के नूरी मस्जिद में अदा की गई अलविदा जुम्मे की नमाज़, सैकड़ों नमाजियों ने की इबादत
बलराम शर्मा
मेराल । प्रखंड मुख्यालय के चरका पत्थर स्थित नूरी मस्जिद में रमजान का अंतिम शुक्रवार को अलविदा जुम्मे की नमाज अदा मस्जिद के इमाम हजरत मौलाना हाजी यासीन के द्वारा कराई गई। इस अवसर पर बड़ी संख्या में नौजवानों, बुजुर्गों और बच्चे नमाजियों ने इबादत की। नमाज के बाद मौलाना यासीन ने लोगों को मशवरा देते हुए ऐलान किया के ईद के साथ हमारे हिन्दू भाइयों का भी त्योहार चल रहा है, ऐसे में कोई भी शख्स कोई ऐसा काम ना करें की किन्ही के आस्था को ठेस पहुंचे। सभी पर्व त्यौहार आपस में भाईचारा के साथ मिलजुल कर मनाई जाए, हमें एक दूसरे का सम्मान करते हुए त्यौहार में खुशियां बांटी जाए। उन्होंने कहा कि झंडा कहां लग रहा है, कौन किस गली में लगा रहे हैं इससे आपत्ति किसी को नहीं होना चाहिए। आपसी प्रेम भाईचारा सलाह मशवरे से मिलजुल कर पर्व त्यौहार मिलजुल कर मनाएं। इस अवसर पर मुख्य रूप से अतहर अली, सदर मुख्तार, सद्दाम हुसैन, जब्बार अंसारी, इकबाल अंसारी, अब्दुल लतीफ, सुल्तान अंसारी, जहूर रंगसाज, समीम रंगसाज, शिक्षक अख्तर अली, आरिफ अंसारी, जुनैद अंसारी, मोहम्मद मुनीर, कमालुद्दीन अंसारी, खुर्शीद आलम, नूर मोहम्मद अंसारी, हाजी अब्दुल्लाह अंसारी, युनुस अंसारी सहित सैकड़ो लोग शामिल थे।




