9 फीसदी वृद्धि के साथ झारखंड विधानसभा में 1,58,560 करोड़ का बजट पेश

सामाजिक क्षेत्र के विकास पर आधारित है झारखंड अबुआ दिशोम बजट
रांची। झारखंड विधानसभा के बजट सत्र में वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 1 लाख 58 हजार 560 करोड़ रुपये का ‘अबुआ दिशोम’ बजट पेश किया। यह उनका लगातार दूसरा बजट है। इससे पहले पिछले वर्ष उन्होंने 1 लाख 45 हजार 400 करोड़ रुपये का मूल बजट प्रस्तुत किया था, जिसमें 91,741.53 करोड़ रुपये योजना मद के लिए और 17,073.61 करोड़ रुपये केंद्रीय योजनाओं से संबद्ध थे। इस बार के बजट में सामाजिक क्षेत्र पर विशेष फोकस रखा गया है। महिला, बाल विकास और सामाजिक सुरक्षा मुख्यमंत्री मंइयां सम्मान योजना के तहत 18-50 वर्ष की महिलाओं को प्रति माह 2,500 रुपये दिए जाएंगे, जिसके लिए 14,065.57 करोड़ का प्रावधान है. सर्वजन पेंशन योजना पर 3,517.23 करोड़ तथा राष्ट्रीय पेंशन योजनाओं पर 1,463.58 करोड़ निर्धारित हैं. आंगनबाड़ी भवन निर्माण, पोषाहार, यूनिफॉर्म, किशोरी पोषण और अन्य योजनाओं सहित कुल 22,995.69 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित है. शिक्षा : स्कूल से उच्च एवं तकनीकी राज्य में 80 उत्कृष्ट विद्यालय और 325 लीडर स्कूल संचालित हैं. प्रारंभिक एवं माध्यमिक शिक्षा के लिए 16,251.43 करोड़ तथा उच्च एवं तकनीकी शिक्षा के लिए 2,564.45 करोड़ का प्रावधान है. नई पाठ्यपुस्तकें, शिक्षक प्रशिक्षण, आईआईटी/एनआईटी मॉडल पर तकनीकी संस्थान उन्नयन और नए विश्वविद्यालय/कॉलेज की स्थापना पर जोर दिया गया है. स्वास्थ्य और परिवार कल्याण कैंसर उपचार के लिए 200 करोड़ की विशेष योजना, मेडिकल कॉलेजों में पीईटी-सीटी और कैथ लैब स्थापना, एमबीबीएस सीटों में वृद्धि तथा 750 “अबुआ दवाखाना” खोलने का लक्ष्य रखा गया है. स्वास्थ्य बजट 7,990.30 करोड़ है. पेयजल, स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा जल जीवन मिशन के तहत 34.46 लाख परिवारों को नल कनेक्शन मिला है. पेयजल एवं स्वच्छता पर 5,194.53 करोड़ का प्रावधान है. धान बोनस, दाल वितरण, नमक योजना, राज्य खाद्य सुरक्षा योजना और धोती-साड़ी-लुंगी वितरण पर विशेष ध्यान दिया गया है। विभागीय बजट 2,887.27 करोड़ है. श्रम, रोजगार और कौशल विकास ई-श्रम पर 98.17 लाख श्रमिक पंजीकृत हैं। कौशल विकास के तहत लाखों युवाओं को प्रशिक्षण और रोजगार अवसर प्रदान किए गए. एआई कोर्स शुरू करने की योजना है. विभागीय बजट 1,168.73 करोड़ है. आदिवासी, दलित और अल्पसंख्यक कल्याण छात्रवृत्ति, मॉडल हॉस्टल, साइकिल योजना और जनजातीय विश्वविद्यालय स्थापना जैसे कदम उठाए गए हैं. विभाग का कुल बजट 3,568.19 करोड़ है. राज्य के 29.76% क्षेत्र में वन आच्छादन है. 2.60 करोड़ पौधारोपण लक्ष्य और इको-टूरिज्म विकास योजनाओं के साथ 1,544.75 करोड़ का प्रावधान है. सड़क, आधारभूत संरचना और ऊर्जा सड़क नेटवर्क 15,066 किमी तक विस्तारित हुआ है. पथ निर्माण विभाग को 6,601.28 करोड़ और ग्रामीण कार्य विभाग को 5,081.74 करोड़ मिले हैं. ऊर्जा क्षेत्र में 200 यूनिट मुफ्त बिजली, 4,000 एमडब्ल्यू पतरातु प्लांट और नवीकरणीय ऊर्जा सब्सिडी सहित कुल 11,197.89 करोड़ का बजट है. उद्योग, निवेश और पर्यटन 1,24,230 करोड़ निवेश प्रस्ताव और 45,000 रोजगार संभावनाएँ सामने आई हैं. उद्योग विभाग को 541.30 करोड़ और पर्यटन विभाग को 361.67 करोड़ का प्रावधान है. शहरी विकास और आवास पीएम आवास (शहरी) सहित विभिन्न परियोजनाओं के लिए 3,919.40 करोड़ का बजट निर्धारित है. ई-गवर्नेंस पर 174.95 करोड़ और आईटी विभाग पर 328.99 करोड़ का प्रावधान है. गृह, कारा और आपदा प्रबंधन पर कुल 11,038.53 करोड़ निर्धारित हैं.



