महिला की मौत पर प्रखंड प्रमुख दीपमाला कुमारी ने जताया शोक, गरीबों तक सरकारी योजनाओं की पहुंच पर उठाए सवाल

पटवा टोली पहुंचकर परिजनों से की मुलाकात, परिवार की आर्थिक स्थिति देख जताई चिंता; मुखिया रामसागर महतो और झामुमो के निवर्तमान जिलाध्यक्ष शंभू राम भी रहे मौजूद
बलराम शर्मा
मेराल। प्रखंड मुख्यालय पंचायत के पटवा टोली में रविवार को स्वर्गीय जगजीवन राम की 50 वर्षीय पत्नी प्रभा देवी के निधन की जानकारी मिलने पर मेराल प्रखंड प्रमुख एवं झारखंड मुक्ति मोर्चा की नेत्री दीपमाला कुमारी मृतका के घर पहुंचीं और शोक संतप्त परिजनों से मुलाकात कर अपनी संवेदना व्यक्त की। इस दौरान क्षेत्रीय मुखिया रामसागर महतो तथा झामुमो के निवर्तमान जिलाध्यक्ष शंभू राम भी उनके साथ मौजूद रहे। वहां से लौटने के बाद प्रमुख दीपमाला कुमारी ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक भावुक पोस्ट साझा करते हुए मृतका के परिवार की आर्थिक स्थिति और गरीबी के कारण आम लोगों को होने वाली परेशानियों पर चिंता जताई।
उन्होंने कहा कि परिवार की वास्तविक स्थिति को करीब से देखने के बाद उन्हें महसूस हुआ कि गरीबी किस तरह लोगों के जीवन को प्रभावित करती है और बुनियादी जरूरतों को पूरा करना भी कई परिवारों के लिए कितना मुश्किल हो जाता है। अपनी पोस्ट में प्रखंड प्रमुख ने सरकारी कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और उनके लाभ वास्तविक जरूरतमंदों तक पहुंचने को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने चिंता व्यक्त की कि गरीबों के कल्याण के लिए कई योजनाएं संचालित होने के बावजूद जरूरतमंद परिवारों को अपेक्षित लाभ नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में यह जरूरी है कि योजनाओं का लाभ केवल कागजों तक सीमित न रहे, बल्कि पात्र परिवारों तक समय पर पहुंचे। उन्होंने गरीब परिवारों की कठिनाइयों का जिक्र करते हुए कहा कि आर्थिक अभाव के कारण अनेक लोग जीवनभर संघर्ष करने को मजबूर रहते हैं। कई बार इलाज, भोजन और अन्य बुनियादी जरूरतों की व्यवस्था करना भी उनके लिए बड़ी चुनौती बन जाता है। प्रखंड प्रमुख की इस पोस्ट के बाद क्षेत्र में गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने, स्वास्थ्य सुविधाओं की सुलभता और सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावी बनाने का मुद्दा चर्चा में आ गया है। घटना ने एक बार फिर इस सवाल को सामने ला दिया है कि सरकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम पायदान पर खड़े लोगों तक किस हद तक पहुंच पा रहा है।





