मेराल की गंगा-जमुनी तहजीब पर सवाल उठाने से पहले पूरी तस्वीर को समझना जरूरी है

मेराल। फ्लाईओवर के नीचे डिवाइडर के बीच रखे ताजिया की तस्वीर साझा कर जिस तरह आशंका जताई जा रही है कि इसे पहले अस्थायी रूप से रखा जाता है और बाद में उसी जमीन पर दावा किया जा सकता है, वह न केवल एक अपुष्ट आशंका है, बल्कि मेराल के हिंदू-मुस्लिम समाज के आपसी प्रेम, भाईचारे और वर्षों पुरानी मिल्लत की परंपरा पर भी सवाल खड़ा करती है।
किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले हमें पूरे मामले को निष्पक्षता से देखना चाहिए। जिस स्थान की तस्वीर साझा की जा रही है, वहां महज दो वर्ष पहले ही फोरलेन सड़क का निर्माण हुआ है और ताजिया सड़क के डिवाइडर के बीच रखा गया है। ऐसे में बिना किसी ठोस आधार के जमीन पर कब्जे या भविष्य में दावा करने जैसी आशंका फैलाना उचित नहीं है।
यदि सार्वजनिक स्थानों पर अस्थायी अतिक्रमण ही चिंता का विषय है, तो मेराल बस स्टैंड की स्थिति पर भी नजर डालनी चाहिए। वहां डिवाइडर के बीच सब्जी बेचने वाले दुकानदारों द्वारा अस्थायी रूप से जगह घेरने के साथ-साथ लगभग पांच फीट चौड़ी नाली अथवा फुटपाथ पर भी कई दुकानदार प्रतिदिन अपना सामान रख देते हैं। इससे आम लोगों के आवागमन और सार्वजनिक व्यवस्था पर असर पड़ता है।
सवाल किसी धर्म, समुदाय या आस्था का नहीं, बल्कि सार्वजनिक व्यवस्था और समान नियमों का है। यदि अतिक्रमण गलत है तो वह चाहे किसी के द्वारा हो, उस पर निष्पक्ष कार्रवाई होनी चाहिए। लेकिन किसी एक तस्वीर को आधार बनाकर किसी समुदाय की नीयत पर सवाल उठाना और सामाजिक सौहार्द को संदेह के घेरे में लाना कतई उचित नहीं है।
मेराल की पहचान केवल सड़क, बाजार और इमारतों से नहीं है, बल्कि यहां के हिंदू-मुस्लिम समाज के बीच वर्षों से कायम आपसी विश्वास, प्रेम और भाईचारे से है। त्योहारों में एक-दूसरे की खुशियों में शामिल होना और मुश्किल वक्त में साथ खड़ा होना ही मेराल की असली खूबसूरती है।
आइए, तस्वीरों के आधार पर नफरत की दीवार खड़ी करने के बजाय तथ्यों को समझें। प्रशासन सार्वजनिक स्थलों पर अतिक्रमण के मामले में समान रूप से नियम लागू करे और हम सभी मेराल की गंगा-जमुनी तहजीब को बनाए रखने में अपनी जिम्मेदारी निभाएं।
क्योंकि जमीन के छोटे-छोटे टुकड़ों से बड़ी होती है समाज की एकता और आपसी विश्वास की विरासत। इसे किसी भी कीमत पर कमजोर नहीं होने देना चाहिए। मेराल की पहचान भाईचारा है, विवाद नहीं।


