सोन नदी पर प्रस्तावित बांध को लेकर गढ़वा में बढ़ी चिंता, किसानों के हक में आवाज उठाएंगे : राजा राम सिंह

कांडी-केतार के तटवर्ती गांवों का सांसद ने किया दौरा, प्रभावित परिवारों का सर्वे, उचित मुआवजा और पुनर्वास सुनिश्चित करने की मांग
गढ़वा। भाकपा माले किसान महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष सह बिहार के काराकाट लोकसभा क्षेत्र के सांसद राजा राम सिंह सोमवार को गढ़वा जिले के कांडी प्रखंड पहुंचे। भारी-भरकम काफिले के साथ पहुंचे सांसद का स्थानीय भाकपा माले कार्यकर्ताओं एवं समर्थकों ने फूल-मालाओं से जोरदार स्वागत किया। इसके बाद उन्होंने सोन नदी के तटवर्ती क्षेत्रों का भ्रमण कर किसानों एवं ग्रामीणों से मुलाकात की और उनकी समस्याओं की जानकारी ली।
इस दौरान सोन नदी के पानी के बंटवारे तथा प्रस्तावित बांध निर्माण को लेकर सांसद ने गंभीर चिंता जताई। केतार प्रखंड के लोहरगढ़ा गांव में आयोजित सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि कुछ दिन पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में बिहार और झारखंड के बीच सोन नदी के पानी के बंटवारे को लेकर बैठक हुई थी, जिसमें दोनों राज्यों के मुख्यमंत्री भी शामिल हुए थे।
राजा राम सिंह ने कहा कि पानी के बंटवारे के बाद केंद्र सरकार द्वारा गढ़वा जिले से होकर गुजरने वाली सोन नदी पर बांध निर्माण की तैयारी की जा रही है। उन्होंने आशंका जताई कि बांध बनने से गढ़वा जिले के कांडी, खरौंधी और केतार प्रखंड के कई गांव प्रभावित हो सकते हैं। उनके अनुसार, परियोजना का लाभ बिहार को अधिक मिलने की संभावना है, जबकि गढ़वा के किसानों और ग्रामीणों को विस्थापन एवं आजीविका से जुड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
सांसद ने विशेष रूप से केतार प्रखंड के कधवन गांव के समीप सोन नदी पर प्रस्तावित बांध का उल्लेख करते हुए कहा कि निर्माण से बड़ी संख्या में किसान परिवारों की जमीन, घर और आजीविका प्रभावित होने की आशंका है। उन्होंने कहा कि किसी भी अंतिम निर्णय से पहले प्रभावित ग्रामीणों और किसानों से व्यापक स्तर पर संवाद किया जाना चाहिए।
उन्होंने सरकार से प्रभावित क्षेत्रों का सर्वे कराने, किसानों एवं ग्रामीणों को उचित मुआवजा देने तथा आवश्यकता पड़ने पर समुचित पुनर्वास की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की। उन्होंने कहा कि विकास परियोजनाओं के नाम पर किसानों और ग्रामीणों के अधिकारों की अनदेखी नहीं की जानी चाहिए।
राजा राम सिंह ने बताया कि इन्हीं मुद्दों को लेकर वे गढ़वा जिले के दौरे पर पहुंचे हैं। इससे पूर्व उन्होंने सोन नदी के दूसरी ओर बिहार के नौहट्टा क्षेत्र का भी भ्रमण कर वहां की स्थिति का जायजा लिया था। उन्होंने कहा कि भाकपा माले किसान महासभा किसानों और ग्रामीणों के सवालों को लगातार मजबूती से उठाती रही है और देश के किसी भी हिस्से में किसानों के अधिकार प्रभावित होंगे तो संगठन उनकी आवाज बनने का काम करेगा।


