भाई-बहन के अटूट प्रेम और आस्था के रंग में रंगा मेराल, धूमधाम से संपन्न हुआ रक्षाबंधन
बहनों ने भाइयों की कलाई पर बांधा प्रेम और विश्वास का धागा, मंदिरों में गूंजे पूजा-अर्चना के स्वर
बलराम शर्मा
मेराल। भाई-बहन के अटूट प्रेम, स्नेह और विश्वास का पावन पर्व रक्षाबंधन मेराल प्रखंड मुख्यालय से लेकर सुदूरवर्ती गांवों तक हर्षोल्लास और श्रद्धा के साथ मनाया गया। सुबह से ही घर-घर उत्सव का माहौल रहा। बहनों ने अपने भाइयों की लंबी उम्र, सुख-समृद्धि और खुशहाल जीवन की कामना करते हुए उनकी कलाई पर राखी बांधी। वहीं भाइयों ने भी बहनों की रक्षा और हर सुख-दुख में साथ निभाने का संकल्प लेते हुए उन्हें उपहार भेंट किए।
रक्षाबंधन को लेकर बहनों में खासा उत्साह देखने को मिला। कई बहनें अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधने के लिए मायके पहुंचीं। वर्षों पुराने रिश्तों में रक्षासूत्र ने फिर वही अपनापन और भावनाओं की गर्माहट भर दी। कहीं भाई अपनी बहन के घर पहुंचे तो कहीं बहनें भाई की कलाई सजाने के लिए मायके आईं। इस दौरान घर-परिवार में मिठाइयों और खुशियों का दौर चलता रहा।
सावन पूर्णिमा पर शिवालयों में उमड़ी श्रद्धा
रक्षाबंधन के साथ पवित्र सावन पूर्णिमा के अवसर पर क्षेत्र के विभिन्न मंदिरों में भी श्रद्धालुओं की भीड़ रही। लोगों ने भगवान शिव की पूजा-अर्चना कर परिवार एवं समाज के सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।
इसी क्रम में मेराल थाना परिसर स्थित शिव मंदिर में प्रत्येक पूर्णिमा की परंपरा के अनुसार श्री सत्यनारायण व्रत कथा का आयोजन किया गया। कथा के पश्चात देवाधिदेव महादेव का विशेष पूजन एवं रुद्राभिषेक किया गया। इसके बाद विधिवत हवन-यज्ञ एवं आरती संपन्न हुई। श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से क्षेत्रवासियों के सुख, शांति, समृद्धि एवं मंगलमय जीवन के लिए प्रार्थना की।
अनुष्ठान में मुख्य यजमान के रूप में थाना प्रभारी विष्णुकांत सपत्निक शामिल हुए। इस अवसर पर संजय प्रसाद, सहायक अवर निरीक्षक ललिता कुमारी सहित कई श्रद्धालु एवं थाना कर्मी उपस्थित रहे।
रक्षाबंधन ने जहां भाई-बहन के रिश्ते में प्रेम की मिठास घोली, वहीं सावन पूर्णिमा की पूजा-अर्चना ने पूरे क्षेत्र को श्रद्धा, आस्था और आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर कर दिया।



