एंबुलेंस में बैठकर घायल अभ्यर्थी ने दी JTET परीक्षा, उपायुक्त की संवेदनशील पहल से पूरा हुआ परीक्षा देने का सपना

13 अक्टूबर को दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हुआ था अभ्यर्थी जावेद अंसारी, प्रशासन ने एंबुलेंस में सीसीटीवी की निगरानी में कराई परीक्षा
बलराम शर्मा
गढ़वा। झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (JTET)-2026 के दौरान रविवार को गढ़वा में जिला प्रशासन की मानवीय संवेदनशीलता और तत्परता की सराहनीय मिसाल देखने को मिली। दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद परीक्षा देने पहुंचे अभ्यर्थी जावेद अंसारी को प्रशासन ने विशेष व्यवस्था के तहत एंबुलेंस में ही परीक्षा देने की अनुमति दी। उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी पशुपति नाथ मिश्रा की पहल से अभ्यर्थी का परीक्षा देने का सपना अधूरा नहीं रहा।
जानकारी के अनुसार, जावेद अंसारी 13 अक्टूबर 2026 को हुई एक दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गए थे। दुर्घटना में उनकी कमर सहित शरीर के अन्य हिस्सों में चोटें आई थीं। इस कारण उनके लिए सामान्य अभ्यर्थियों की तरह परीक्षा कक्ष में बैठकर परीक्षा देना संभव नहीं था। इसके बावजूद परीक्षा में शामिल होने के दृढ़ संकल्प के साथ वे एंबुलेंस से आर.के.वी.एस. संस्थान, रेहला रोड, सोनपुरवा स्थित परीक्षा केंद्र पहुंचे।
केंद्र पर पहुंचने के बाद उन्होंने अपनी शारीरिक स्थिति से केंद्राधीक्षक एवं प्रतिनियुक्त मजिस्ट्रेट को अवगत कराया और एंबुलेंस में ही परीक्षा देने की अनुमति के लिए लिखित आवेदन सौंपा। मामले की जानकारी जिला प्रशासन को दी गई। अभ्यर्थी की परिस्थिति और परीक्षा देने की प्रबल इच्छा को देखते हुए उपायुक्त पशुपति नाथ मिश्रा ने तत्काल मानवीय संवेदनशीलता का परिचय दिया और उन्हें एंबुलेंस में परीक्षा देने की अनुमति प्रदान की।
सीसीटीवी की निगरानी में हुई परीक्षा
प्रशासन ने घायल अभ्यर्थी की सुविधा के साथ परीक्षा की निष्पक्षता और पारदर्शिता का भी पूरा ध्यान रखा। इसके लिए एंबुलेंस में ही परीक्षा देने की विशेष व्यवस्था की गई। पूरी परीक्षा प्रक्रिया सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में संपन्न हुई। इस दौरान केंद्राधीक्षक एवं प्रतिनियुक्त मजिस्ट्रेट भी लगातार निगरानी करते रहे।
संवेदनशील प्रशासन की सराहनीय पहल
जिला प्रशासन की इस पहल ने साबित किया कि विशेष परिस्थितियों में मानवीय संवेदनशीलता और प्रशासनिक तत्परता के साथ नियमों का पालन करते हुए भी उचित समाधान निकाला जा सकता है। दुर्घटना में घायल होने के बावजूद परीक्षा देने पहुंचे अभ्यर्थी को अवसर उपलब्ध कराकर प्रशासन ने उसकी मेहनत और इच्छाशक्ति का सम्मान किया।
उपायुक्त पशुपति नाथ मिश्रा की इस पहल की परीक्षा केंद्र सहित जिले में सराहना हो रही है। यह घटना न केवल प्रशासनिक संवेदनशीलता की मिसाल बनी, बल्कि उन अभ्यर्थियों के लिए भी प्रेरणादायक संदेश है, जो कठिन परिस्थितियों के बावजूद अपने लक्ष्य को हासिल करने का हौसला रखते हैं।




