मेराल के प्रसिद्ध मां शायर देवी धाम मंदिर
सालों भर लगा रहता है श्रद्धालु भक्तों का आना-जाना

सच्चे मन से आराधना करने पर मन्नत और मुराद होती है पूरी : बैगा महावीर सिंह
गढ़वा । जिला मुख्यालय से महज 10 किलोमीटर पश्चिम नेशनल हाईवे 39 पर मेराल प्रखंड मुख्यालय में अवस्थित प्रसिद्ध मां शायर देवी धाम मंदिर लाखों लोगों के आस्था का केंद्र है। आकर्षक और भव्य मंदिर की खूबसूरती तथा मां की शक्ति लोगों को यहां बरबस खींच लाती है। आकर्षक और विशाल गुंबदों वाला मंदिर की सुंदरता अब तो ओवर ब्रिज से ही दिखने लगता है। मंदिर परिसर का सौन्दर्य और यहां स्थापित देवी, देवताओं का स्थापित खूबसूरत प्रतिमा का वर्णन जितना भी किया जाए कम होगा।

चैत्र सह वार्षिक महोत्सव के अवसर पर यहां चैत्र नवरात्र में एकम से लेकर नवमी तक नवाह्न परायण महायज्ञ और रात्रि में स्थानीय कलाकारों द्वारा रामायण, महाभारत आदि का नाटक कार्यक्रम तथा महोत्सव के समापन के अवसर पर भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम और मेला का आयोजन प्रतिवर्ष किया जाता है, जिसमें हजारों हजार श्रद्धालुओं की भीड़ लगती है। इसके अलावा सभी धार्मिक त्योहार के साथ-साथ शारदीय नवरात्र में भी दुर्गा सप्तशती का पाठ विद्वान आचार्यों द्वारा किया जाता है, जिससे आसपास के क्षेत्र का वातावरण पूरी तरह भक्तिमय बना रहता है। आस्था के इस धाम में श्रद्धालुओं की मन्नत पूरी होती है, जिससे सालों भर भक्तों का आना-जाना लगा रहता है। नेशनल हाईवे से उतर और मेराल ग्राम रेलवे स्टेशन से दक्षिण दोनों के बीच में स्थापित देवी धाम में पहुंचने का कई पक्की मार्ग है किसी मार्ग से यहां आसानी से लोग पहुंच जाते हैं। मेराल के पुरानी बाजार से सेट परंतु बस्ती से बाहर खुला जगह में स्थापित देवी धाम मंदिर के समीप बड़ा टाउन हॉल, पंचायत सचिवालय तथा प्राचीन शिव मंदिर के सामने तालाब और छठ घाट उसके दाहिने तरफ बड़ा तालाब से यह जगह बहुत ही रमणीक लगता है।

यही वजह है कि इस परिसर में अब सालों भर शुभ मुहूर्त में शादी विवाह के साथ-साथ धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रम का आयोजन होते रहता है। देवी धाम की प्रसिद्ध और लोगों के आस्था को देखते हुए पर्यटन विभाग द्वारा इसे डी श्रेणी में शामिल कर लिया गया है। देवी धाम के पुजारी महावीर सिंह कहते हैं कि जो श्रद्धालु भक्त सच्चे मन से धाम में आकर आराधना करते हैं उनका मन्नत और मुराद दोनों पूरा होता है।


