बीडीओ ने केसीसी ऋण को लेकर बैंकर्स, किसान मित्र और कृषक के साथ किया बैठक
20 किसानों का जमा केसीसी ऋण आवेदन फार्म को सही पाया गया
बैठक में अधिक से अधिक किसानों को केसीसी ऋण देने की हुई कवायत

मेराल । प्रखंड सभागार में मंगलवार को केसीसी ऋण को लेकर सीओ सह प्रभारी बीडीओ यशवंत नायक ने किसानों तथा बैंकर्स के साथ बैठक की जिसमें अधिक से अधिक किसानों को केसीसी ऋण उपलब्ध कराने पर चर्चा हुई। बैठक में एलडीएम सत्यदेव रंजन, एफएलसी कमल कुमार तथा सीएफएलसी श्याम सुंदर महतो मुख्य रूप से शामिल रहे। इस अवसर पर बीटीएम प्रवीण कुमार मिश्रा ने उपस्थित किसानों के बीच केसीसी ऋण के लिए फार्म का वितरण किया। मौके पर पूर्व तथा वर्तमान में किसानों द्वारा जमा किए गए केसीसी आवेदन फॉर्म का जांच किया गया, जिसमें 20 किसानों का आवेदन फॉर्म सही पाया गया। इस मौके पर एलडीएम ने उपस्थित किसानों एवं किसान मित्रों को बताया कि केंद्र सरकार किसानों की आय दोगुना करने के उद्देश्य से बैंक के माध्यम से केसीसी ऋण सात प्रतिशत पर देता है। जिसमें बैंक से लगातार लेनदेन करने वाले किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज देना पड़ता है। उन्होंने बताया कि केसीसी ऋण लेने के बाद बैंक को राशि अदा नहीं करने वाले किसानों को डिफॉल्टर घोषित किया जाता है। जिस कारण वैसे किसानों एवं उनके बच्चों को शिक्षा के लिए ऋण एवं आवास ऋण, व्यवसाय ऋण भी नहीं मिल पाता है। जबकि बेहतर खाता संचालन करने वाले स्टैंडर्ड खाता धारक को सरकार के द्वारा ऋण माफी योजना का भी लाभ मिलता है। उन्होंने कहा कि केसीसी ऋण देने में बैंक के लिए कोई बाध्यता और सीमा नहीं होता है। चुकी उच्च श्रेणी के किसानों को कभी भी खरीफ एवं रबी फसल के लिए ऋण दिया जाता है। इस अवसर पर एफएलसी कमल कुमार, प्रभारी प्रखंड कृषि पदाधिकारी रामनाथ चौधरी ने भी किसानों से संबंधित अपना अपना विचार रखा। बैठक में किसान मित्र वीरेंद्र महतो, रामाशंकर चौबे, चंदेश्वर राम, अशोक महतो, रवि कुमार पांडेय, रामराज राम, संगीता देवी, सुनीता देवी, सुरेंद्र बैठा सहित कई लोग थे।



