एसडीएम ने किया अरंगी पैक्स का अवचक निरीक्षण, कई अनियमितताएं उजागर
आपूर्ति एवं सहकारिता विभागों को जांच का निर्देश

गढ़वा । एसडीएम संजय कुमार ने शनिवार को मेराल प्रखंड अंतर्गत अरंगी पंचायत में पैक्स की ओर से संचालित धान अधिप्राप्ति केंद्र का औचक निरीक्षण किया गया जिसके संचालन में कई गंभीर अनियमितताएं पाई गईं। मौके पर न तो पैक्स से संबंधित कोई बोर्ड या बैनर पाया गया ना ही रजिस्टर दुरुस्त मिला। निरीक्षण के समय पैक्स अध्यक्ष आलमगीर अंसारी मौके पर उपस्थित नहीं थे। उनकी अनुपस्थिति में पैक्स का संचालन उनके पिता एवं भाई कर रहे थे। इस दौरान एसडीएम द्वारा पूछे गए किसी भी प्रश्न का वे लोग संतोष जनक जवाब नहीं दे सके।

मामले की गंभीरता को देखते एसडीएम ने जिला सहकारिता पदाधिकारी नीलम कुमारी को मौके पर तलब किया। पैक्स के संबंध में पूछे जाने पर उन्होंने एसडीएम को बताया कि उक्त पैक्स के लिए धान अधिप्राप्ति केंद्र का स्थल अरंगी में चयनित किया गया था, जबकि अनाधिकृत रूप से संबंधित व्यक्तियों द्वारा दलेली स्थित इस निजी आवासीय परिसर में धान अधिप्राप्ति केंद्र संचालित किया जा रहा है, जो नियम के विरुद्ध है। उन्होंने यह भी बताया कि इस परिसर में धान अधिप्राप्ति होने का न तो कोई औपचारिक उद्घाटन किया गया और न ही उन्हें या आमजन को सार्वजनिक जानकारी दी गई है कि धान अधिप्राप्ति की शुरूआत कब से होनी है।

हालांकि निरीक्षण के दौरान बताया गया कि इस पैक्स में धान अधिप्राप्ति 16 दिसंबर से प्रारंभ हुई है। एसडीएम ने जब वहां पर लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग की जांच की तो 16 दिसंबर से पहले भी सैकड़ों बोरा धान वहां संग्रहित होने की पुष्टि हुई। इस पर एसडीएम ने पूछा कि यदि धान अधिप्राप्ति 16 दिसंबर से शुरू हुई है तो 15 दिसंबर या उससे पूर्व इतनी बड़ी मात्रा में धान कैसे रखा गया, तो पैक्स अध्यक्ष के पिता एवं भाई इसका कोई स्पष्ट जवाब नहीं दे सके। इसे गंभीर मानते हुए एसडीएम ने मौके पर ही जिला आपूर्ति पदाधिकारी को भी सूचित करते हुए आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया।

मौके पर एसडीएम ने कहा कि किसान हित में लगातार धान अधिप्राप्ति केंद्रों पर वे नजर बनाए हुए हैं किसी भी कीमत पर बिचोलिया, दलालों और कालाबाजारी करने वालों की दाल नहीं गलेगी। उन्होंने किसानों और आम नागरिकों से भी अपील किया कि यदि उन्हें कहीं पर भी किसी प्रकार की विसंगति दिखती है तो वे जिला आपूर्ति पदाधिकारी, जिला सहकारिता पदाधिकारी या उन्हें जरूर सूचित करें।


