नहीं रहे मेराल के भूतपूर्व मुखिया वाल्मीकि चौबे
1973 और 1978 में दो बार मुखिया, इसके बाद 2010 तक कार्यवाहक मुखिया बने रहे

1990 में एकीकृत बिहार के तत्कालीन मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव के कार्यकाल में प्रखंड के 20 सूत्री अध्यक्ष बने थे
बलराम शर्मा
मेराल । प्रखंड के देवगाना गांव निवासी भूतपूर्व मुखिया वाल्मीकि चौबे का निधन बुधवार को हृदय गति रुक जाने से हो गया। उन्होंने 82 वर्ष की उम्र में अपने पैतृक आवास देवगाना में अंतिम सांस लिए। उनके निधन से क्षेत्र में शोक की लहर है। वाल्मीकि चौबे एकीकृत बिहार में 1973 और 1978 में मेराल प्रखंड के तत्कालीन पंचायत करकोमा ( जब आठ पंचायत का प्रखंड था अभी 20 पंचायत है ) के दो बार मुखिया निर्वाचित हुए थे। लोकप्रिय मुखिया रहने की वजह से 1990 में बिहार के तत्कालीन मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव के कार्यकाल में उन्हें प्रखंड 20 सूत्री अध्यक्ष बनने का गौरव प्राप्त हुआ था। 1978 के बाद 32 साल पंचायत चुनाव नहीं होने पर वे 2010 तक कार्यवाहक मुखिया के रूप में पंचायत और प्रखंड के विकास कार्यों में मार्गदर्शक के रूप में कार्य करते रहे थे। तेज तर्रार मुखिया होने से ऊन्हें कई बार मुख्यमंत्री और मंत्री द्वारा प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया था। वे अपने कार्यकाल में ग्रामीण विकास और सामाजिक कार्यों के लिए जाने जाते थे। उनके निधन की जानकारी मिलने पर जिला सांसद प्रतिनिधि प्रमोद कुमार चौबे ने उनके घर जाकर परिजनों को संवेदना दिया साथ ही उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित किया। उन्होंने पूर्व मुखिया वाल्मीकि चौबे के निधन को अपूरणीय क्षति बताया। उनका अंतिम संस्कार स्थानीय श्मशान घाट पर किया गया। मुखाग्नि बड़े पुत्र अधिवक्ता ओम प्रकाश चौबे ने दी। श्रद्धांजलि अर्पित करने वालों में अधिवक्ता जितेंद्र कुमार चंद्रवंशी, अरविंद पांडेय, गोपाल चौबे, मुखिया अनिल चौधरी, प्रेम प्रकाश चौबे, शशिकांत दुबे शायद बड़ी संख्या में लोग शामिल थे।

