आया रंग रंगीला मौसम होली का
सृजन साहित्यिक मंच के हास्य-व्यंग्य कवि सम्मेन में जम कर उड़े व्यंग के गुलाल, लगे ठहाके

मुझको तो बस एक तिरंगा दिखता है : प्रशांत बजरंगी
मोरी भींगे रे चुनरिया, धीरे से रंग डारो : पूनम श्रीवास्तव
प्रेम के बोल में बोला मिश्री मधुर, प्रीत जागत रहे बस जे गावल करअ : मनोज मधुर
बलराम शर्मा
गढ़वा । होली के अवसर पर स्थानीय टाउन हॉल के मैदान में सृजन साहित्यिक मंच द्वारा आयोजित होली हास्य-व्यंग्य कवि सम्मेलन में उड़े व्यंग के गुलाल के बीच जमकर लगे ठहाके। कवियों ने अपनी शानदार रचनाओं से देर रात तक समां बांधा। पंकज प्रखर की राष्ट्रप्रेम की कविताओं तथा संजय चौबे व दयाशंकर तिवारी के होली गीतों ने दर्शकों का मन मोह लिया। कार्यक्रम की शुरुआत मिर्जापुर से आयी कवयित्री पूनम श्रीवास्तव ने मां सरस्वती की वंदना से की। इसके बाद उन्होंने शृंगार रस से परिपूर्ण “जब हुए प्यार के सिलसिले देख ले, मिट गये सारे शिकवे गिले देख ले… तथा भोजपुरी से “आग लागी त कुछ पल लहकबे करी, फूल कौनो रही पर महकबे करी…” सुनाकर खूब तालियां बटोरीं।

सीतामढ़ी से आये कवि प्रशांत बजरंगी ने अपनी देशभक्ति रचना सड़क किनारे भूखा-नंगा दिखता है, मंदिर-मस्जिद खातिर दंगा दिखता है, हिंदू-मुस्लिम, सिख, इसाई मत बोलो, मुझे तो बस एक तिरंगा दिखता है…। उनकी अन्य देशभक्ति और सांस्कृतिक रचनाओं ने श्रोताओं को भाव-विभोर कर दिया। बनारस से आये सुप्रसिद्ध गीतकार मनोज मधुर ने भउजी ओरा जाइल बाटे फगुनवा… और जब पछुआ बहा रहा पंत, लगता है वसंत आ गया… जैसे गीतों से होली और वसंत के रंगों को जीवंत कर दिया। वहीं मंच का संचालन कर रहे भभुआ के मशहूर कवि और मंच संचालक शंकर कैमूरी ने अपनी हास्य-व्यंग्य रचनाओं से दर्शकों को खूब हंसाया। उन्होंने आया रंग-रंगीला मौसम होली का…” सहित कई प्रस्तुतियों के माध्यम से प्रकृति और त्योहारों का चित्रण किया।

उत्तर प्रदेश के मऊ से आये कवि पंकज प्रखर ने ओजपूर्ण कविताओं से राष्ट्रप्रेम का संदेश दिया। स्थानीय कवि संजय चौबे और दयाशंकर तिवारी ने भी होली गीतों से कार्यक्रम में रंग भर दिया। श्रोताओं ने देर रात तक कार्यक्रम का खूब आनंद उठाया। इससे पहले कवि सम्मेलन का उद्घाटन मुख्य अतिथि दिनेश प्रसाद सिंह, संजय कुमार, समाजसेवी राकेश पाल, रेडक्रॉस सोसाइटी अध्यक्ष डॉ मुरली प्रसाद गुप्ता, जिला अधिवक्ता संघ अध्यक्ष के भृगुनाथ चौबे सहित अन्य अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर दिनेश प्रसाद सिंह ने सृजन साहित्यिक मंच की सराहना करते हुए कहा कि इस संस्था ने गढ़वा में साहित्यिक वातावरण बनाने का सराहनीय कार्य किया है, जो समाज के लिए अत्यंत आवश्यक है। एसडीओ संजय कुमार ने कहा कि गढ़वा में साहित्य और सांस्कृतिक गतिविधियों का अच्छा माहौल है, जिसका श्रेय सृजन साहित्यिक मंच को जाता है। ऐसे आयोजनों से समाज को सकारात्मक दिशा मिलती है। कार्यक्रम में विधायक सत्येंद्रनाथ तिवारी, सदर एसडीओ संजय कुमार, पूर्व सांसद घुरन राम, नगर परिषद के नवनिर्वाचित अध्यक्ष दौलत सोनी आदि उपस्थित थे। कवि सम्मेलन से पूर्व मंच के सचिव सतीश कुमार मिश्र ने अपनी ‘शहर नामा’ प्रस्तुति के माध्यम से नगर की समस्याओं को व्यंग्यात्मक शैली में उठाया। कार्यक्रम में सभी अतिथियों का स्वागत और विषय प्रवेश मंच के अध्यक्ष वरिष्ठ पत्रकार विनोद पाठक द्वारा किया गया। मंच का संचालन अधिवक्ता राकेश त्रिपाठी और धन्यवाद ज्ञापन संरक्षक रास बिहारी तिवारी ने किया। कार्यक्रम में वरिष्ठ समाजसेवी राकेश पाल, अमृत शुक्ला, कांग्रेस के जिला अध्यक्ष औबेदुल्ला हक अंसारी सहित बड़ी संख्या में लोग शामिल थे। इस अवसर पर मंच के मीडिया प्रभारी दयाशंकर गुप्ता को विशेष रूप से सम्मानित किया गया।


