मेराल में कलश स्थापना के साथ आठ दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा प्रारंभ
श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान की गंगा है, इसमें डुबकी लगाने से अंतरात्मा पवित्र और जीवन सफल होता है : आचार्य कुंज बिहारी












आगामी 3 फरवरी तक प्रतिदिन शाम 5 बजे से 7 बजे तक संगीत मय श्रीमद् भागवत कथा चलेगा : आयोजक मंडली
मेराल । हाई स्कूल के मैदान में आठ दिवसीय संगीत मय श्रीमद् भागवत कथा का शुभारंभ बुधवार को कलश स्थापना के साथ हुआ। वृंदावन धाम से पधारे कथा वाचक आचार्य पंडित कुंज बिहारी शुक्ल द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के बीच कलश यात्रा का शुभारंभ शिव मंदिर परिसर से हुआ जो मेन रोड से मेराल छठ घाट शिव मंदिर सरस्वतीया नदी से जल लेकर कथा मंच पहुंचे और शिव मंदिर में कलश रखने के बाद आचार्य ने अपने सहयोगियों के साथ नगर भ्रमण के दौरान प्रसिद्ध मां शायर देवी धाम में पहुंच कर पूजा अर्चना की साथ ही वहां देवी धाम संचालन समिति के पदाधिकारीयों के साथ बैठक कर आठ दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा को सफल बनाने में सहयोग करने तथा कथा श्रवण करने का निमंत्रण दिया।

इसके बाद गोंदा देवी धाम मंदिर में पूजा अर्चना के बाद स्थानीय लोगों को कथा में भाग लेने का निमंत्रण दिया। शाम 5 बजे आचार्य द्वारा पूजा अर्चना तथा आरती के साथ श्रीमद् भागवत कथा शुभारंभ किया। उन्होंने अपनी मधुर वाणी से भगवान श्रीकृष्ण और वृंदावन धाम का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि एक गंगा नदी जो तन और पापों को धोकर शुद्ध करती है, दूसरी श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान की गंगा है जो मन व अंतरात्मा को पवित्र कर जीवन को सफल बनाती है। भागवत कथा मन की शुद्धि और भक्ति के लिए है, जो मनुष्य को ईश्वर से जोड़ती है।

आयोजकों द्वारा बताया गया कि आगामी 3 फरवरी तक प्रतिदिन शाम 5:00 बजे से 7:00 बजे तक श्रीमद् भागवत कथा चलेगा। उन्होंने आसपास के गांव के धर्म प्रेमी लोगों से कथा श्रवण कर धार्मिक लाभ प्राप्त करने का आग्रह किया। प्रथम दिन कथा में मुख्य रूप से देवी धाम संचालन समिति के संरक्षक संजय भगत, अध्यक्ष विजय प्रसाद, गोंदा देवी धाम के अध्यक्ष शशिकांत दुबे, आयोजक मंडली में गोंदा के पूर्व मुखिया प्रकाश कुमार अरुण, नवीन कुमार जायसवाल, पप्पू कुमार, अनुज प्रसाद, बीडीसी कृष्णदेव प्रजापति, दिनेश ठाकुर, सूर्य प्रकाश उर्फ सुड्डू, विनोद प्रसाद, रुपू महतो, चंद्रमणि पाठक, विष्णु यादव, महेंद्र सिंह, सुनील कुमार कालिया, महेंद्र प्रसाद, वीरेंद्र प्रसाद, मदन यादव, सतीश प्रसाद, मानिक चन्द यादव, कैलाश प्रसाद, जैनेंद्र कुमार सिंह, विकास दुबे, प्रमोद गुप्ता, राधेश्याम यादव, राजेश बैठा सहित बड़ी संख्या में महिला पुरुष व बच्चों ने ज्ञान की गंगा में डुबकी लगाई।



