केंद्र सरकार ला रही नया ग्रामीण रोजगार गारंटी कानून
मनरेगा अब "विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन" होगा

चालू सत्र में नया बिल लाने के लिए किया गया है सूचीबद्ध
नयी दिल्ली। केंद्र सरकार महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी कानून (मनरेगा) को खत्म कर नया ग्रामीण रोजगार गारंटी कानून लाने जा रही है। इसे मौजूदा शीतकालीन सत्र में चर्चा के लिए सूचीबद्ध भी किया गया है। बिल की कॉपी सोमवार को लोकसभा सांसदों के बीच बांट दी गयी है। इसका नाम ‘विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) (वीबी-जी राम जी) बिल, 2025’ रखा गया है। बताते चलें कि मनरेगा को 2005 में लागू किया गया था, इसमें मजदूरी राज्य के हिसाब से अलग-अलग तय होती है। इससे पहले 12 दिसंबर को खबर आयी थी कि केंद्रीय कैबिनेट ने मनरेगा का नाम बदलकर पूज्य बापू ग्रामीण रोजगार योजना रखा है। हालांकि, सरकार की ओर से जारी नोटिफिकेशन यह सामने नहीं आया था।

सामाजिक-आर्थिक बदलावों को देखते हुए निर्णय : बिल में लिखे हुए उद्देश्य के मुताबिक, पिछले 20 वर्षों में मनरेगा ने ग्रामीण परिवारों को रोजगार दिया, लेकिन गांवों में हुए सामाजिक-आर्थिक बदलावों को देखते हुए इसे और मजबूत करना जरूरी है। नये कानून के तहत हर ग्रामीण परिवार को, जो बिना कौशल वाला काम करने को तैयार हो, हर साल 125 दिन का वेतनयुक्त रोजगार मिलेगा। इसका मकसद विकसित भारत 2047 के लक्ष्य के अनुरूप गांवों का समग्र विकास करना है।

प्रियंका गांधी बोलीं महात्मा गांधी का नाम क्यों हटा रहे
जब मनरेगा के नाम बदलने की जानकारी सामने आयी थी, तब वायनाड से कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने कहा कि उन्हें मनरेगा योजना का नाम बदलने के फैसले के पीछे का तर्क समझ नहीं आता। इससे फिजूल खर्च होता है। उन्होंने कहा कि मुझे समझ नहीं आता कि इसके पीछे क्या मानसिकता है। सबसे पहले, यह महात्मा गांधी का नाम है और जब इसे बदला जाता है, तो सरकार के संसाधन फिर से इस पर खर्च होते हैं। ऑफिस से लेकर स्टेशनरी तक, सब कुछ का नाम बदलना पड़ता है, इसलिए यह एक बड़ी, महंगी प्रक्रिया है। तो ऐसा करने का क्या फायदा है ?
ग्रामीण विकास का नया ढांचा तैयार करना उद्देश्य
नये बिल में कहा गया है कि इसका उद्देश्य ‘विकसित भारत 2047’ के राष्ट्रीय विजन के अनुरूप ग्रामीण विकास का नया ढांचा तैयार करना है। काम के दिनों की संख्या 100 से बढ़ाकर 125 दिन कर दी जायेगी। इधर, कांग्रेस ने सरकार के फैसले का विरोध किया है। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने कहा कि महात्मा गांधी का नाम क्यों हटाया जा रहा।
