ब्राइट फ्यूचर स्कूल में विज्ञान प्रदर्शनी का आयोजन
आप जैसे होनहार बच्चों पर मुझे गर्व है : डॉ यासीन अंसारी
बाल वैज्ञानिकों से ही भारत विकसित बनेगा : अशोक विश्वकर्मा
गढ़वा । शहर के सोनपुरवा स्थित ब्राइट फ्यूचर स्कूल में शनिवार को विज्ञान प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। प्रदर्शनी का उद्घाटन विद्यालय के संरक्षक डॉ यासीन अंसारी, निदेशक अशोक विश्वकर्मा एवं प्राचार्य सुनीता विश्वकर्मा ने संयुक्त रूप से फीता काटकर एवं डॉ एपीजे अब्दुल कलाम की तस्वीर पर माल्यार्पण कर किया। विज्ञान प्रदर्शनी में बच्चों ने अपने बौद्धिक क्षमता का भरपूर प्रदर्शन किया। छात्रों ने कुल 45 मॉडल एवं प्रोजेक्ट बनाया एवं उसे बेहतर ढंग से सजाकर प्रदर्शित किया और उसके बारे में विचार साझा किया। प्रदर्शनी में भूकंप डिटेक्टर डिवाइस, एडवांस चिकित्सा प्रणाली, फायर डिटेकटर डिवाइस, सड़क सुरक्षा प्रणाली, बागवानी की सुरक्षा, ऑटोमेटिक डस्टबिन, ऑटोमेटिक सिंचाई प्रणाली, फसल सुरक्षा डिवाइस, हाइब्रिड उपकरण, प्लांड हाईटेक सिटी एवं कम्यूनिकेशन जैसे कई और प्रोजेक्ट तथा मॉडल बनाकर प्रदर्शित किया गया। निर्णायक मंडल ने सभी की बारीकी से निरीक्षण कर मूल्यांकन किया। निर्णायक मंडल ने जूनियर ग्रुप में अरहान एवं ग्रुप को प्रथम, अहसान एवं ग्रुप को द्वितीय जबकि अंतरा गुप्ता और ग्रुप को तृतीय पुरस्कार के लिए चयन किया, वहीं सीनियर वर्ग में शाइस्ता और ग्रुप को प्रथम, गौतम एवं राखी ग्रुप को द्वितीय जबकि प्रिंस राज एवं मिस्कात ग्रुप को तृतीय पुरस्कार के लिए चयनित किया । निर्णायक मंडल ने इसके अलावा सांत्वना पुरस्कार के लिए भी दो मॉडल का चयन किया। छात्रों को संबोधित करते हुए आज के मुख्य अतिथि डॉ यासीन अंसारी ने कहा कि ब्राइट फ्यूचर स्कूल के बच्चों पर उन्हें बहुत गर्व है। इन बाल वैज्ञानिकों ने आज एक से बढ़कर एक मॉडल बनाकर उसका प्रदर्शन किया है। आने वाले समय में जरूर ये देश की तकदीर और तस्वीर को बदल सकते हैं। इनकी वैज्ञानिक सोच बेहतर है और यह सचमुच अपने भविष्य को उज्जवल बनाएंगे। वहीं अशोक विश्वकर्मा ने कहा कि आप जैसे बाल वैज्ञानिकों से ही एक दिन भारत विकसित राष्ट्र बनेगा, इसमें कोई संदेह नहीं है। देश का भविष्य आप जैसे बाल वैज्ञानिकों पर निर्भर है। उन्होंने विद्यालय के शिक्षकों की प्रशंसा करते हुए कहा कि आप सभी के मार्गदर्शन में ही इस प्रकार का आयोजन हो सका है। बच्चों का प्रदर्शन वास्तव में शिक्षकों का ही मेहनत का प्रतिफल है और यह निरंतर बनी रहनी चाहिए, ताकि बच्चों में आपके सकारात्मक एवं रचनात्मक गतिविधि बनी रहे। मौके पर विद्यालय के उप प्राचार्य सुनीता पटेल, मधुबाला पाठक, सत्येंद्र पाण्डेय, रामलाल यादव, सुनील कुमार ठाकुर, अनुपमा प्रसाद, रूपा गुप्ता, रोजी परवीन, अनिशा कुमारी, राजीव श्रीवास्तव, नाहिद सबा, रोहित कुमार के साथ-साथ छात्रों के अभिभावक शामिल थे।



